शंकरगढ़ जीपीडीपी बैठक में पेयजल, रोजगार और विकास योजनाओं पर मंथन


ग्राम पंचायत विकास योजना बैठक में पेयजल, मनरेगा, स्वच्छता, गोवंश प्रबंधन और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।

प्रयागराज। शंकरगढ़ विकास खंड में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) को लेकर सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीओ पंचायत दशरथ लाल यादव ने की। इसमें क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर गांवों की प्रमुख समस्याओं और विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में सबसे पहले पेयजल संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कई ग्राम प्रधानों ने बताया कि गर्मी के मौसम में उनके गांवों में पेयजल की गंभीर समस्या बनी रहती है। इस पर प्रशासन ने संकटग्रस्त गांवों की सूची तैयार कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

मनरेगा और स्वच्छता अभियान पर विशेष जोर

बैठक में मनरेगा के तहत वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि गांवों में अधिक से अधिक विकास कार्य शुरू कर स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत साफ-सफाई, कूड़ा प्रबंधन एवं शौचालय निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

छुट्टा गोवंश और किसानों की समस्याओं पर चर्चा

बैठक में किसानों की प्रमुख समस्या छुट्टा गोवंश को लेकर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ। नई गोशालाओं के निर्माण, फसलों की सुरक्षा तथा गोवंश प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे

बैठक में पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, पुष्टाहार एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. पुनीत केसरवानी ने 15 वर्षीय किशोरियों के सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की।

वर्ष 2026-27 के बजट उपयोग पर हुआ मंथन

बैठक में 15वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2026-27 में मिलने वाले बजट के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बजट की प्रत्येक राशि गांवों के विकास, मूलभूत सुविधाओं और जनहित के कार्यों पर ही खर्च की जाएगी।

बैठक के समापन पर एडीओ पंचायत दशरथ लाल यादव ने कहा कि अब योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उनका लाभ धरातल पर दिखाई देगा। उन्होंने ग्राम प्रधानों और सचिवों को समयबद्ध तरीके से विकास कार्य पूरे करने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्ष 2026-27 का बजट पूरी पारदर्शिता के साथ गांवों के विकास पर खर्च किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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