राजकीय बालिका विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित जागरूकता शिविर में छात्राओं को नशे के दुष्परिणाम, कानूनी सहायता और बाल सुरक्षा कानूनों की जानकारी दी गई।
गंगापुर सिटी। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत मंगलवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगापुर सिटी में पोक्सो अधिनियम-2012, हिट एंड रन योजना एवं “Transforming Tuesday” के अंतर्गत विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य विषय “Say No To Drugs, Say Yes To Your Dreams – Drugs Are Not Cool: Protect Your Mind, Body And Future” रहा।
कार्यक्रम में एडीजे संख्या-2, गंगापुर सिटी ने छात्राओं को नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों, उसकी रोकथाम तथा उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक एवं व्यक्तिगत जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।
नि:शुल्क कानूनी सहायता और हेल्पलाइन की दी जानकारी
शिविर में छात्राओं को बताया गया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) की ओर से नि:शुल्क कानूनी सहायता के लिए 15100 तथा 9928900900 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही यह भी बताया गया कि नशे की चपेट में आए बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
NDPS Act और POCSO कानून की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि यह कानून अवैध रूप से नशीले पदार्थों का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण, आपूर्ति अथवा सेवन करने वालों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान करता है।
विशेष रूप से यह भी बताया गया कि किसी बच्चे को बहलाकर, धमकाकर या मजबूर करके नशे के अपराध में शामिल करना गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
बाल विवाह रोकथाम और मोटर वाहन अधिनियम पर भी हुई चर्चा
पैनल अधिवक्ता नीरज खंडेलवाल ने Transforming Tuesday अभियान के तहत नशे के दुष्परिणामों, रोकथाम एवं कानूनी सहायता के साथ-साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम तथा अन्य महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी।
उन्होंने कहा कि NDPS अधिनियम अत्यंत कठोर कानून है और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का प्रावधान करता है। बच्चों को किसी भी प्रकार से नशे के अपराध में शामिल करना कानूनन गंभीर अपराध है और इसकी सूचना तत्काल संबंधित एजेंसियों को देनी चाहिए।
महिला एवं बाल सुरक्षा हेल्पलाइन की भी दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 सहित अन्य आवश्यक हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य संजय अग्रवाल, विद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
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Gangapur City, Rajasthan
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