डीग में शिशु वाटिका एवं घोष प्रमुखों की बैठक सम्पन्न, राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर हुआ मंथन


विद्या भारती के अमृत महोत्सव, शिशु वाटिका की शिक्षण पद्धति और घोष कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

डीग। डीग में शिशु वाटिका एवं घोष प्रमुखों की बैठक का आयोजन बालिका उच्च प्राथमिक आदर्श विद्या मन्दिर में किया गया। आदर्श विद्या मन्दिर समिति, भरतपुर के अंतर्गत संचालित डीग एवं कामां संकुल के आदर्श विद्या मन्दिरों के घोष प्रमुखों एवं शिशु वाटिका प्रमुखों की एक दिवसीय बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, शिशु वाटिका के विकास तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि बैठक में विद्या भारती संस्थान, जयपुर के सह मंत्री विजय फौजदार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत शिशु वाटिकाओं के विकास, उनकी व्यवस्थाओं तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

शिशु वाटिका की शिक्षण पद्धति पर दिया गया मार्गदर्शन

बैठक को संबोधित करते हुए विद्या भारती संस्थान, जयपुर के शिशु वाटिका संयोजक गोपाल पारीक ने कहा कि शिशु वाटिका शिक्षण पद्धति में बालक के समग्र विकास की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल प्रारंभिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और उच्च जीवन मूल्यों का विकास करना भी है। इसलिए शिक्षकों को व्यापक दृष्टिकोण के साथ कार्य करना चाहिए।

उन्होंने शिशु वाटिका की बारह व्यवस्थाओं, चौदह क्रियाकलापों, तीन मूल उद्देश्यों तथा चौदह उप उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह शिक्षण पद्धति बाल केन्द्रित, क्रिया आधारित, अनुभव आधारित, आनंदमूलक एवं अनौपचारिक है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

अमृत महोत्सव की तैयारियों पर हुई चर्चा

बैठक में बताया गया कि विद्या भारती के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2027 में अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। इसी क्रम में अमृत महोत्सव के अंतर्गत घोष का एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

आगामी कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर घोष प्रमुखों की बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया तथा सभी आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए घोष प्रमुखों को विभिन्न जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया गया।

आचार्यों और दीदियों ने लिया भाग

बैठक में शिशु वाटिका प्रमुख बैठक में 11 तथा घोष प्रमुख बैठक में 4 आचार्य एवं दीदियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की वंदना सभा के अवलोकन के साथ हुई।

इस अवसर पर जिला संस्कार केन्द्र एवं शिशु वाटिका संयोजक चैतन्य प्रकाश अग्रवाल तथा संकुल प्रमुख लक्ष्मण प्रसाद शर्मा सहित अनेक शिक्षकों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

बैठक का उद्देश्य शिशु वाटिका की शिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गतिविधियों को गति देना तथा अमृत महोत्सव के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना रहा।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *