महिला सशक्तिकरण, आत्मरक्षा और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हुए प्रशिक्षणार्थियों ने तलवार शक्ति प्रदर्शन से सभी को किया प्रभावित।
भीलवाड़ा। चित्तौड़गढ़ में सात दिवसीय तलवार प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को भव्य समापन एवं सम्मान समारोह उत्साहपूर्ण और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। दक्षिणी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी महिला संगठन के तत्वावधान में तथा भारत माता सेवा समिति के सहयोग से आयोजित इस शिविर में 105 प्रशिक्षणार्थियों ने तलवार संचालन, आत्मरक्षा, अनुशासन और साहस का प्रशिक्षण प्राप्त किया। सात दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर ने महिला सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का प्रभावी संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष सीमा कोगटा, प्रदेश सचिव मंजू गांधी, प्रकल्प प्रमुख सोनल माहेश्वरी के सानिध्य तथा शक्ति वंदनम समिति की संयोजिका जया तोषनीवाल के नेतृत्व में किया गया। आयोजन के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के साथ अनुशासन एवं संस्कार का भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
चित्तौड़गढ़ में पहली बार हुआ ऐसा प्रशिक्षण शिविर
भारत माता सेवा समिति की प्रियंका जैन ने बताया कि चित्तौड़गढ़ में इस प्रकार का यह पहला तलवार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसे समाज का अभूतपूर्व सहयोग और उत्साह प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य महिलाओं को केवल आत्मरक्षा के गुर सिखाना ही नहीं, बल्कि उनमें साहस, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना को भी मजबूत करना था।
कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद
समापन समारोह में अखिल भारतवर्षीय राष्ट्रीय माहेश्वरी महिला संगठन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ममता मोदानी मुख्य अतिथि रहीं। वहीं श्री महेश शिक्षा निकेतन के अध्यक्ष कैलाश तोषनीवाल प्रधान अतिथि तथा पूर्व अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट बोर्ड की डॉ. सुशीला लढा प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इसके अलावा पश्चिमांचल संयुक्त मंत्री कुंतल तोषनीवाल, प्रदेश संगठन मंत्री कृष्णा समदानी, प्रदेश सह सचिव नीलिमा माहेश्वरी तथा महेश वाटिका अध्यक्ष भरत जागेटिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रशिक्षकों ने सिखाए आत्मरक्षा और अनुशासन के गुर
शिविर का प्रशिक्षण शक्ति समूह, निंबाहेड़ा के प्रशिक्षकों मनोहर माली, अमन सेन, नव्या शर्मा, परिधि अग्रवाल, निहारिका तेली, इशिका राजोरा एवं वेदिका सोनी द्वारा दिया गया।
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को तलवार संचालन के व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ आत्मरक्षा, अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रहने का संदेश दिया। सात दिनों तक प्रशिक्षणार्थियों ने नियमित अभ्यास कर अपनी दक्षता विकसित की।
सहयोगियों और भामाशाहों का किया सम्मान
कार्यक्रम के सफल संचालन में भारत माता सेवा समिति की निशा ईनाणी, ज्योति न्याती, चंदनबाला मुंडड़ा, सुमन बल्दवा एवं चन्दा लढा का विशेष योगदान रहा।
समापन समारोह के दौरान विभिन्न सहयोगी भामाशाहों एवं समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया। संगठन की ओर से कुंतल तोषनीवाल, लीला आगाल, मानकंवर काबरा, सोनल माहेश्वरी, कविता बल्दवा, रेखा असावा, आरती न्याती, राजकुमार एवं रंजना बजाज, मदनलाल खटोड़ एवं वीणा खटोड़, अभिषेक मुंद्रा, अभिनंदन काबरा, शरद झंवर, नीलिमा झंवर, अशोक न्याती एवं ज्योति न्याती सहित सभी सहयोगियों का अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया गया।
तलवार शक्ति प्रदर्शन ने जीता सभी का दिल
समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों ने तलवार शक्ति प्रदर्शन की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर उपस्थित अतिथियों एवं समाजजनों की खूब सराहना प्राप्त की। महिलाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और शौर्य का प्रदर्शन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
अतिथियों ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण, आत्मरक्षा और राष्ट्रभावना को मजबूत करने की दिशा में प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं।
समाज से किया गया नियमित प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में सभी समाजों एवं सामाजिक संगठनों से आह्वान किया गया कि वे महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति से जुड़े ऐसे प्रशिक्षण शिविर नियमित रूप से आयोजित करें।
वक्ताओं ने कहा कि जब बेटियां आत्मविश्वासी, सक्षम और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी वे समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। आयोजन का समापन राष्ट्रहित, महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।
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Bhilwara, Rajasthan
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