नदबई बाईपास और आरओबी का लोकार्पण, 105 करोड़ की परियोजना से जाम से मिलेगी राहत


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया लोकार्पण, ग्रामीण सड़कों और विद्युत उपकेंद्रों की सौगात से विकास कार्यों को मिली नई गति।

नदबई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को अपने एक दिवसीय भरतपुर दौरे के दौरान जिले को विकास की कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। इस दौरान उन्होंने 793.84 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 21 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 268.40 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 18 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

105 करोड़ की लागत से बने बाईपास और आरओबी का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने नदबई क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए 105 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नदबई बाईपास एवं रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का लोकार्पण किया। इस परियोजना के शुरू होने से कस्बे के मुख्य बाजार और रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही भारी वाहनों का शहर के भीतर आवागमन कम होने से यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी।

साढ़े सात वर्ष बाद पूरा हुआ बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट

नदबई बाईपास एवं आरओबी परियोजना की घोषणा वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा की गई थी। रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम को देखते हुए लगभग 8 किलोमीटर लंबे बाईपास तथा 790 मीटर लंबे रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की योजना बनाई गई थी।

परियोजना का निर्माण कार्य अक्टूबर 2018 में प्रारंभ हुआ, लेकिन विभिन्न कारणों से कार्य में देरी होती रही। करीब साढ़े सात वर्ष बाद यह परियोजना पूरी हुई और मई 2026 से इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया था। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसका औपचारिक लोकार्पण कर इसे आमजन को समर्पित कर दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों को मिली सड़क विकास की सौगात

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटारी से गगवाना तथा पिंगौरा से गगवाना तक निर्मित डामर एवं सीसी सड़क निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया। लगभग 3.82 करोड़ रुपये की लागत से बनी इन सड़कों से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

विद्युत व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत

ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री ने निभेरा, खानखेड़ा, बिनऊआ, नामखेड़ा एवं गांगरौली में निर्मित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों का भी लोकार्पण किया। करीब 9.47 करोड़ रुपये की लागत से बने इन उपकेंद्रों के शुरू होने से आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति अधिक सुचारु होगी, वोल्टेज की समस्या कम होगी तथा किसानों एवं घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर आमजन के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं से क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।

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