सोनबरसा में दैवी आपदा जागरूकता चौपाल, आकाशीय बिजली से बचाव के बताए उपाय


दो वर्ष पहले आकाशीय बिजली हादसे में चार लोगों की मौत के बाद गांव में जागरूकता चौपाल, लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने ग्रामीणों को आपदा से बचाव के दिए सुझाव।

प्रयागराज। शंकरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत सोनबरसा में दो वर्ष पहले आकाशीय बिजली गिरने से माता-पिता और दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत की घटना को याद करते हुए बुधवार को दैवी आपदा से बचाव जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल का उद्देश्य ग्रामीणों को आकाशीय बिजली, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (PVSM, AVSM, VSM) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों को प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की विस्तार से जानकारी दी।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव: लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी

लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने कहा कि “प्रकृति की मार से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। आपदा हमें नहीं चुनती, लेकिन हम अपनी तैयारी से आपदा को हरा सकते हैं।”

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बारिश के दौरान खुले स्थानों पर न रहें, पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें तथा मोबाइल टावर और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। उन्होंने आपदा की स्थिति में तुरंत 112 और जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की भी सलाह दी।

दो वर्ष पहले हुआ था दर्दनाक हादसा

गौरतलब है कि दो वर्ष पूर्व सोनबरसा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के माता-पिता और उनकी दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गांव में दैवी आपदाओं को लेकर लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा गांव-गांव जाकर जागरूकता चौपाल आयोजित की जा रही हैं, ताकि लोग प्राकृतिक आपदाओं के समय सही निर्णय लेकर अपनी और दूसरों की जान बचा सकें।

मृतकों को दी गई श्रद्धांजलि

चौपाल के दौरान उप जिलाधिकारी बारा शिखा संखवार, खंड विकास अधिकारी शंकरगढ़ सुनील कुमार, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, लेखपाल, राजस्व कर्मी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में दो वर्ष पहले आकाशीय बिजली की चपेट में जान गंवाने वाले माता-पिता और दो मासूम बच्चियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस दौरान एक ग्रामीण ने भावुक होकर कहा, “साहब, आज यहां आकर हमें हिम्मत मिली। अब हम डरेंगे नहीं, बल्कि जागरूक होकर आपदा से लड़ेंगे।”

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