लक्ष्मण मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, व्यासपीठ से पं. मुरारी लाल पाराशर ने शिव भक्ति और अहंकार त्याग का महत्व बताया।
डीग। शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में शनिवार से शुरू हुई श्री शिव महापुराण कथा एवं पार्थिव शिवलिंग पूजन का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। 1 अगस्त से 11 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल पहुंची, जहां विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और आरती उतारकर यात्रा का भव्य स्वागत किया।
अहंकार त्यागने से ही मिलती है शिव कृपा
कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि भगवान शिव की कृपा और उदारता उसी व्यक्ति को प्राप्त होती है, जो सच्चे मन से उनकी भक्ति करता है। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण तभी सार्थक है, जब मनुष्य अपने भीतर के अहंकार का त्याग करे।
उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अहंकार से मुक्त नहीं होगा, तब तक भोलेनाथ की कृपा प्राप्त नहीं हो सकती। भगवान शिव की निष्काम भक्ति मनुष्य को आत्मज्ञान और मोक्ष का मार्ग दिखाती है।
आत्मज्ञान ही जीवन का परम तत्व
पंडित पाराशर ने शिव-पार्वती संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि माता पार्वती ने भगवान शिव से परम तत्व का ज्ञान पूछा था। भगवान शिव ने उत्तर दिया कि विज्ञान और आत्मज्ञान ही परम तत्व है, जो प्रत्येक मनुष्य के अंतर्मन में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि सांसारिक मोह-माया में उलझा व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को भूल जाता है और जीवनभर भटकता रहता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव का नियमित स्मरण करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति पूरे दिन भक्ति नहीं कर सकता तो कम से कम एक मिनट सच्चे मन से भगवान शिव का ध्यान अवश्य करे। महादेव की कृपा से जीवन में शुभता और सकारात्मकता का संचार होता है।
प्रतिदिन होगा पार्थिव शिवलिंग पूजन
आचार्य गणेश दत्त पाराशर ने बताया कि आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह 9:15 बजे सामूहिक पार्थिव शिवलिंग पूजन होगा, जबकि दोपहर 3 बजे से शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन 11 अगस्त को विशाल भंडारा एवं प्रसादी वितरण के साथ होगा।
इस अवसर पर शिवराम दास जी महाराज, मेवाराम पटवारी, बबलू सोनी, हरे कृष्ण लवानिया, रमेश अरोड़ा, इन्द्र मोहन शर्मा, फूल लोहिया, मान सिंह राजपूत, राजेश फौजदार, विपिन जैन, रमाकांत नाहरौली वाले, भगवान सिंह कोली, राधेश्याम गर्ग (जयपुर), हरेश बंसल, दिनेश पाराशर, राजू काका, राजू गोयल, पूर्व पार्षद महेंद्र शर्मा, हरिओम पाराशर, मालती गुप्ता, गीता तमोलिया सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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डीग, राजस्थान
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