भाकियू प्रयाग ने निष्पक्ष जांच और अवैध खनन पर रोक की मांग की, वन विभाग ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव।
प्रयागराज। बारा थाना क्षेत्र के मकदुमा पहाड़ पर राष्ट्रीय पक्षी मोर का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यमुनानगर के असवा गांव के पास स्थित पहाड़ी क्षेत्र में चट्टानों और हरियाली के बीच मृत अवस्था में पड़े मोर को देखकर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मोर की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है।
प्रारंभिक स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि मोर की मौत जहरीले पानी, बिजली के करंट या शिकार की वजह से हुई हो सकती है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
भाकियू प्रयाग ने उठाए गंभीर सवाल
घटना पर भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) के जिला अध्यक्ष ऋषि पांडे ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पक्षी मोर की सुरक्षा को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुनापार क्षेत्र में अवैध खनन को रोकने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही।
उन्होंने कहा कि मोर हमारी संस्कृति, जैव विविधता और पर्यावरण का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यदि उसके प्राकृतिक आवास को लगातार नुकसान पहुंचता रहा तो वन्यजीवों का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।
अवैध खनन और ब्लास्टिंग से उजड़ रहा प्राकृतिक आवास
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से मकदुमा पहाड़ क्षेत्र में अवैध खनन, ब्लास्टिंग और पेड़ों की कटाई की गतिविधियां बढ़ी हैं। इससे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास लगातार प्रभावित हो रहा है और पक्षियों सहित अन्य जीव-जंतुओं के सामने संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा
वन विभाग ने मोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलते ही बारा थाना पुलिस एवं डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें:

Prayagraj, Ouuta Pradesh
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।