बौंली क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई, 20-21 अगस्त को विशाल भजन संध्या और भंडारे का होगा आयोजन।
बौंली, बामनवास। डूंगरी संत आश्रम के महंत श्री सीताराम दास जी के ब्रह्मलीन होने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही उनके ब्रह्मलीन होने का समाचार फैला, आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके पैतृक गांव पखाला पहुंचने लगे और उन्हें श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी।
श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं जयघोष के साथ महंत श्री सीताराम दास जी की अंतिम यात्रा निकाली। उनकी पार्थिव देह को पैतृक गांव पखाला से ढील डैम के समीप स्थित डूंगरी संत आश्रम लाया गया, जहां सैकड़ों महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं की उपस्थिति में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार किया गया।
20 और 21 अगस्त को होगा श्रद्धांजलि कार्यक्रम
महंत श्री सीताराम दास जी की स्मृति में 20 एवं 21 अगस्त को दो दिवसीय श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 20 अगस्त की रात्रि में विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा, जबकि 21 अगस्त को विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रभर के श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर संत को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
अनेक गांवों से पहुंचेंगे श्रद्धालु
आयोजन में हथडौली, थडौली, बंधावल, पखाला, गोलपुर, झोपड़ियां टापुर सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्रद्धालु संत की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
बनाई जाएगी चरण छतरी
आयोजन समिति के अनुसार महंत श्री सीताराम दास जी की स्मृति में डूंगरी संत आश्रम परिसर में उनकी चरण छतरी का निर्माण भी कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालु भविष्य में भी वहां पहुंचकर संत के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर सकें।
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Sawai Madhopur, Rajasthan
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