दो दिवसीय प्रशिक्षण में चैटजीपीटी सहित विभिन्न एआई टूल्स का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए।
भीलवाड़ा। बदलते डिजिटल दौर में महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी देने की दिशा में अग्रवाल महिला मंडल एवं भीलवाड़ा कॉलेज की संयुक्त पहल पर दो दिवसीय एआई प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में महिलाओं को एआई की उपयोगिता समझाने के साथ चैटजीपीटी सहित विभिन्न एआई टूल्स का प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने स्वयं एआई टूल्स का उपयोग करते हुए विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास किया। उन्हें बताया गया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दैनिक जीवन से जुड़े कई कार्य कम समय में अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं।
एआई के व्यावहारिक उपयोग का दिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में प्रतिभागी महिलाओं को लेखन, शिक्षा, व्यवसाय, रचनात्मक कार्य और दैनिक जरूरतों सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण को पूरी तरह व्यावहारिक रखा गया, ताकि महिलाएं केवल एआई के बारे में जानकारी प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं विभिन्न टूल्स का उपयोग करना भी सीख सकें।
प्रशिक्षकों ने उदाहरणों और अभ्यास के माध्यम से समझाया कि एआई की मदद से जानकारी प्राप्त करने, सामग्री तैयार करने, लेखन को बेहतर बनाने और रचनात्मक कार्यों को आसान बनाने जैसे कई काम किए जा सकते हैं।
आधुनिक दौर में एआई का ज्ञान समय की जरूरत
कार्यक्रम में भीलवाड़ा कॉलेज की ओर से विशिष्ट अतिथि पवन खेमका एवं मुकेश अग्रवाल उपस्थित रहे। कॉलेज के डायरेक्टर अभिषेक लोहिया ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में एआई का ज्ञान समय की आवश्यकता बन चुका है।
उन्होंने महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनने और बदलते समय के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
घर और व्यवसाय से जुड़े कार्यों में मिलेगी मदद
अग्रवाल महिला मंडल की अध्यक्ष रितु नागौरी एवं सचिव अंजलि हिम्मतरामका ने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में एआई का ज्ञान महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एआई के सही उपयोग से घर, शिक्षा, व्यवसाय और व्यक्तिगत कार्यों से जुड़े कई काम अधिक आसान और प्रभावी बनाए जा सकते हैं। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम हैं।
दो दिनों तक प्रशिक्षकों ने कराया व्यावहारिक अभ्यास
कार्यक्रम की एआई प्रशिक्षक एवं प्रभारी अमिता लोहिया तथा डॉ. नीतू जालान ने दो दिनों तक महिलाओं को एआई के विभिन्न उपयोगों का सरल भाषा में प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने चैटजीपीटी सहित अन्य एआई टूल्स के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने, सामग्री तैयार करने, लेखन एवं रचनात्मक कार्यों को बेहतर बनाने तथा रोजमर्रा के कार्यों में एआई की सहायता लेने के तरीके समझाए।
प्रशिक्षकों ने बताया कि एआई केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि आम व्यक्ति भी अपने दैनिक जीवन के छोटे-बड़े अनेक कार्यों में इसका उपयोग कर सकता है।
महिलाओं में दिखा उत्साह और आत्मविश्वास
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने एआई टूल्स पर स्वयं अभ्यास किया और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनकी कार्यप्रणाली को समझा। व्यावहारिक प्रशिक्षण के कारण प्रतिभागियों में तकनीक को लेकर उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।
कार्यशाला में गुणमाला अग्रवाल, सिल्की केडिया, वंदना अग्रवाल, पायल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अग्रवाल महिला मंडल की महिलाएं उपस्थित रहीं।
प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण-पत्र
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। महिलाओं ने कार्यशाला को उपयोगी, ज्ञानवर्धक और वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।
प्रतिभागियों ने भविष्य में भी एआई एवं अन्य आधुनिक तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की। आयोजकों ने कहा कि तकनीकी ज्ञान को सरल और व्यावहारिक रूप से महिलाओं तक पहुंचाने के ऐसे प्रयास आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।
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Bhilwara, Rajasthan
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