लाडनूं में तेरापंथी महासभा सम्मेलन, आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में भीलवाड़ा ने दिए सुझाव


आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने संगठन, संस्कार, सेवा और जनकल्याण के प्रकल्पों पर विचार साझा किए, नई कार्यदिशा के संकल्प के साथ लौटे।

भीलवाड़ा। तेरापंथ समाज के संगठनात्मक सशक्तीकरण और सेवा-संस्कार की भावी कार्ययोजना तय करने के उद्देश्य से लाडनूं स्थित जैन विश्व भारती परिसर में आचार्यश्री महाश्रमण के पावन सानिध्य में आयोजित जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के तीन दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन में भीलवाड़ा के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में भीलवाड़ा के प्रतिनिधियों ने संगठन, संस्कार, सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सम्मेलन से मिली प्रेरणा और कार्यदिशा को स्थानीय स्तर पर जनोपयोगी गतिविधियों के रूप में लागू करने का संकल्प लेकर प्रतिनिधिमंडल भीलवाड़ा लौटा।

संगठन को मजबूत बनाने पर हुआ व्यापक मंथन

तेरापंथी सभा संस्था भीलवाड़ा के अध्यक्ष अशोक सिंघवी ने बताया कि सम्मेलन में तेरापंथ समाज के संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण, आध्यात्मिक उन्नयन, सेवा कार्यों तथा महासभा की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी संचालन पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

सम्मेलन में ज्ञानशाला, उपासक श्रेणी, तेरापंथ नेटवर्क, महासभा आपके द्वार, संस्कार निर्माण, बेटी तेरापंथ की, वरिष्ठ नागरिक तथा कला एवं संस्कृति जैसे विभिन्न प्रकल्पों को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा की गई।

युवाओं और महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने पर जोर

सभा मंत्री सुनील दक ने कहा कि सम्मेलन से प्राप्त दिशा-निर्देशों एवं सुझावों को भीलवाड़ा में कार्यरूप देते हुए समाजहित में रचनात्मक एवं परिणामपरक गतिविधियों को नई गति दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार तक संगठन की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं एवं महिलाओं की सहभागिता को और मजबूत करने तथा सेवा कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से संचालित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने लिया हिस्सा

सभा प्रवक्ता गौतम दुगड़ ने बताया कि भीलवाड़ा के प्रतिनिधिमंडल में सभा अध्यक्ष अशोक सिंघवी, मंत्री सुनील दक, उपाध्यक्ष दिनेश हिंगड़ एवं दिनेश कांठेड़, सहमंत्री महावीर भलावत एवं गौतम दुगड़, कोषाध्यक्ष प्रकाश कावड़िया तथा संगठन मंत्री लक्ष्मीलाल झाबक शामिल रहे।

सभी प्रतिनिधियों ने सम्मेलन के विभिन्न विषयगत सत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने विचार और सुझाव साझा किए।

सेवा-संस्कार की नई कार्यदिशा लेकर लौटे प्रतिनिधि

तीन दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन को तेरापंथ समाज में संगठन, संस्कार, सेवा और समर्पण की भावना को नई दिशा देने वाला बताया गया। सम्मेलन में मिले मार्गदर्शन और प्रेरणा को भीलवाड़ा में प्रभावी रूप से लागू करने का प्रतिनिधिमंडल ने संकल्प लिया।

प्रतिनिधियों ने कहा कि सम्मेलन से प्राप्त नई कार्यदिशा के माध्यम से स्थानीय स्तर पर समाजहित और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

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