भीलवाड़ा डेयरी ने दूध संकलन में बनाया नया रिकॉर्ड, 4.41 लाख लीटर प्रतिदिन


पशुपालकों के सहयोग से पिछले वर्ष की तुलना में 49 प्रतिशत वृद्धि, डेयरी ने 5.50 लाख लीटर प्रतिदिन संकलन का लक्ष्य तय किया।

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने दूध संकलन के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। भीलवाड़ा डेयरी ने 18 अगस्त 2026 को अब तक का सर्वाधिक 4 लाख 41 हजार लीटर प्रतिदिन दूध संकलन दर्ज किया। यह उपलब्धि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 49 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है।

पिछले वर्ष इसी अवधि में डेयरी का दूध संकलन करीब 2 लाख 96 हजार लीटर प्रतिदिन था। इस वर्ष पशुपालकों के बढ़ते सहयोग, दुग्ध सहकारी समितियों की सक्रियता और डेयरी प्रबंधन के निरंतर प्रयासों के चलते संकलन में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पशुपालकों के सहयोग से हासिल हुआ नया रिकॉर्ड

भीलवाड़ा डेयरी के प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार ने इस उपलब्धि के लिए जिले के सभी दुग्ध उत्पादक पशुपालकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता पशुपालकों के विश्वास, उनके अथक परिश्रम तथा संघ के अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा सरस डेयरी पर पशुपालकों के बढ़ते विश्वास से दुग्ध संकलन लगातार मजबूत हो रहा है। इससे जिले में दुग्ध व्यवसाय और सहकारी आंदोलन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

5.50 लाख लीटर प्रतिदिन संकलन का लक्ष्य

प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार ने अधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों को भविष्य में भी इसी गति से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिदिन 5.50 लाख किलोग्राम दूध संकलन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि दूध संकलन बढ़ाने के साथ-साथ जिले की अधिक से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से पशुपालकों को डेयरी से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

पशुपालकों की आय बढ़ाने पर रहेगा फोकस

डेयरी प्रबंधन का उद्देश्य अधिक से अधिक पशुपालकों को दुग्ध व्यवसाय से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। इसके लिए दुग्ध समितियों के नेटवर्क को और प्रभावी बनाने तथा पशुपालकों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

डेयरी प्रबंधन के अनुसार दूध संकलन में हुई वृद्धि से ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध सहकारी गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। अधिक पशुपालकों के जुड़ने से उन्हें अपने दूध के लिए संगठित बाजार उपलब्ध होगा और दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

दुग्ध सहकारी आंदोलन को मिलेगी नई मजबूती

भीलवाड़ा डेयरी प्रबंधन का मानना है कि 4.41 लाख लीटर प्रतिदिन का नया रिकॉर्ड जिले में दुग्ध व्यवसाय की बढ़ती संभावनाओं और पशुपालकों की बढ़ती भागीदारी का संकेत है।

प्रबंध संचालक ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, दुग्ध समितियों और पशुपालकों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से भीलवाड़ा के दुग्ध व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया जाएगा।

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