सवा छतीस हजार अनुभव वाणीजी का सामूहिक पाठ पूर्ण, चातुर्मासिक कार्यक्रम फिर शुरू


रामद्वारा धाम में आचार्य श्रीरामदयालजी महाराज के सानिध्य में पाठ का समापन, अखंड पाठ करने वाले श्रद्धालुओं का शाल-माला से सम्मान

भीलवाड़ा। अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय शाहपुरा के पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज के सानिध्य में चल रहे ‘विश्व शांति कल्याण’ चातुर्मास के अंतर्गत माणिक्यनगर रामद्वारा धाम में 27 सितंबर से जारी सवा छतीस हजार अनुभव वाणीजी के सामूहिक पाठ का गुरुवार को विधिवत समापन हुआ।

समापन अवसर पर आचार्यश्री के सानिध्य में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से अनुभव वाणीजी का पाठ कर परमात्मा की भक्ति और सर्वमंगल, सुख-शांति की कामना की।

भक्ति और साधना से गूंजा रामद्वारा धाम

अनुभव वाणीजी के सामूहिक पाठ के दौरान रामद्वारा धाम में लगातार आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। महाप्रभु स्वामी रामचरणजी महाराज द्वारा रचित अनुभव वाणी के सवा छतीस हजार पाठ की साधना के माध्यम से श्रद्धालुओं ने परमात्मा की आराधना की तथा विश्व में शांति, कल्याण और सुख-समृद्धि की मंगलकामना की।

अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामद्वारा धाम पहुंचे। सामूहिक पाठ में शामिल श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव के साथ वाणीजी का पाठ किया। इस दौरान पूरा वातावरण रामधुनी और भक्ति भाव से सराबोर रहा।

आचार्यश्री ने पाठकों को दिया साधुवाद

समापन अवसर पर आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज ने अनुभव वाणीजी के सामूहिक पाठ में सहभागी रहे पाठकों एवं श्रद्धालुओं को साधुवाद अर्पित किया।

आचार्यश्री ने कहा कि इस प्रकार का आयोजन चातुर्मास की ऐतिहासिक भव्यता और गरिमा को बढ़ाने वाला रहा। अनुभव वाणीजी के सामूहिक पाठ के माध्यम से श्रद्धालुओं को परमात्मा की भक्ति का सुखद अनुभव प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि सामूहिक साधना और भक्ति के ऐसे आयोजन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ समाज में सुख, शांति और मंगल की भावना को मजबूत करते हैं।

अखंड पाठ करने वाले श्रद्धालुओं का सम्मान

अनुभव वाणीजी का पाठ पूर्ण होने के बाद आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज ने अखंड रूप से वाणीजी का पाठ करने वाले श्रद्धालुओं का शाल एवं माला पहनाकर सम्मान किया। आचार्यश्री ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया।

सवा छतीस हजार अनुभव वाणीजी के सामूहिक पाठ की साधना पूर्ण होने पर रामद्वारा धाम में मौजूद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर बताया।

9 अक्टूबर से फिर शुरू होंगे नियमित चातुर्मासिक कार्यक्रम

अनुभव वाणीजी के सामूहिक पाठ की पूर्णाहुति के बाद शुक्रवार 9 अक्टूबर से रामद्वारा धाम में चातुर्मास के नियमित कार्यक्रम पुनः शुरू होंगे।

चातुर्मासिक कार्यक्रम के तहत सुबह 8:30 से 9 बजे तक रामधुनी के साथ वाणीजी का पाठ होगा। इसके बाद सुबह 9 से 10 बजे तक सत्संग एवं प्रवचन का आयोजन किया जाएगा।

इस दौरान रामस्नेही संप्रदाय के प्रखर वक्ता संत मनोरथरामजी आलोट द्वारा मानस प्रवचन किया जाएगा। इसके बाद सुबह 10 बजे से आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज के मुखारबिंद से वाणीजी के प्रवचन होंगे।

इस प्रकार सवा छतीस हजार अनुभव वाणीजी के सामूहिक पाठ की साधना पूर्ण होने के बाद भी रामद्वारा धाम में चातुर्मास के आध्यात्मिक कार्यक्रमों की नियमित श्रृंखला जारी रहेगी।

श्रद्धालुओं से नियमित सत्संग में पहुंचने की अपील

विश्व शांति कल्याण चातुर्मास समिति ने सभी श्रद्धालुओं से नियमित रूप से रामद्वारा धाम पहुंचकर सत्संग, रामधुनी, वाणीजी पाठ और प्रवचन का लाभ लेने की अपील की है।

समिति की ओर से कहा गया कि चातुर्मास का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना, सत्संग और संतवाणी से जोड़ना है। अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से नियमित कार्यक्रमों में सहभागी बनकर धर्म एवं अध्यात्म की इस परंपरा से जुड़ने का आह्वान किया गया।

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