गायत्री शक्तिपीठ परिसर में मंगल कलश यात्रा और वैदिक अनुष्ठानों के साथ महोत्सव शुरू, 25 अगस्त को होगा प्राण-प्रतिष्ठा व शिवाभिषेक।
शाहपुरा। धर्मनगरी शाहपुरा में सोमवार को भगवान महाकाल की आराधना से जुड़ा नया धार्मिक अध्याय शुरू हुआ। उम्मेदसागर रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ परिसर में महाकाल मंदिर एवं शिव परिवार की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। खास बात यह है कि शाहपुरा में स्थापित होने वाला यह महाकाल का पहला मंदिर होगा। आयोजन गायत्री परिवार के तत्वावधान में किया जा रहा है।
गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य द्वार के समीप महाकाल मंदिर को आकर्षक स्वरूप दिया गया है। मंदिर निर्माण के साथ ही प्राण-प्रतिष्ठा से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और शिवभक्तों में उत्साह बना हुआ है। आयोजन स्थल पर सुबह से ही भक्ति और अध्यात्म का वातावरण दिखाई दिया।
नर्मदेश्वर मंदिर से निकली मंगल कलश एवं जागरूकता यात्रा
महोत्सव के प्रथम दिन भीलवाड़ा रोड स्थित नर्मदेश्वर मंदिर से मंगल कलश एवं जागरूकता यात्रा निकाली गई। यात्रा शुरू होने से पहले सभी कलशों का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद शिवभक्तों एवं गायत्री परिवार के उपासकों ने श्रद्धा के साथ यात्रा प्रारंभ की।
यात्रा में श्रद्धालुओं के हाथों में मंगल कलश के साथ गायत्री परिवार के संस्कार, सद्विचार एवं जनजागरण से जुड़े संदेशों की तख्तियां भी थीं। धार्मिक जयघोषों के बीच सामाजिक जागरूकता के संदेश दिए गए। इससे धार्मिक आयोजन को जनजागरण से जोड़ने का संदेश सामने आया।
यात्रा के दौरान महाकाल भक्ति और गायत्री परिवार की साधना पद्धति का अनूठा संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं की सहभागिता से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
गायत्री शक्तिपीठ पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
मंगल कलश एवं जागरूकता यात्रा के गायत्री शक्तिपीठ पहुंचने पर विधि-विधान से श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। गायत्री परिवार के ट्रस्टी दुर्गालाल जोशी ने बताया कि यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं का सम्मानपूर्वक स्वागत करने के बाद प्रसाद स्वरूप अल्पाहार कराया गया।
उन्होंने बताया कि महाकाल मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर गायत्री परिवार के पदाधिकारी, ट्रस्टी एवं शिवभक्त पूरी श्रद्धा के साथ आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। भगवान शिव के साथ शिव परिवार की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
अभिजीत मुहूर्त में शुरू हुए वैदिक अनुष्ठान
महोत्सव के प्रथम दिन अपराह्न अभिजीत मुहूर्त में धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ किया गया। पं. अशोक पौंडरीक के संयोजन एवं अगुवाई में दूर्वा पूजन, हवन और मूर्तिवास सहित विभिन्न वैदिक अनुष्ठान शुरू हुए।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित अनुष्ठानों से गायत्री शक्तिपीठ परिसर आध्यात्मिक वातावरण से भर उठा। हवन की सुगंध, मंत्रों की गूंज और भगवान शिव के जयघोषों ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह पैदा किया।
शाम को होगा विशाल दीप यज्ञ
महोत्सव के प्रथम दिन शाम को गायत्री शक्तिपीठ परिसर में विशाल दीप यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। गायत्री परिवार की परंपरा के अनुरूप दीप यज्ञ के माध्यम से सामूहिक साधना, सद्बुद्धि, संस्कार और समाज में सकारात्मक चेतना का संदेश दिया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार दीप यज्ञ में बड़ी संख्या में गायत्री उपासकों एवं शिवभक्तों के शामिल होने की संभावना है। दीपों की रोशनी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होने वाला यह आयोजन महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
25 अगस्त को होगी प्राण-प्रतिष्ठा और शिवाभिषेक
गायत्री परिवार के ट्रस्टी दुर्गालाल जोशी ने बताया कि महोत्सव के मुख्य धार्मिक कार्यक्रम 25 अगस्त मंगलवार को सुबह 9:15 बजे से आयोजित होंगे। इस दौरान हवन, प्राण-प्रतिष्ठा और भगवान शिव का विधि-विधान से शिवाभिषेक कराया जाएगा।
धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति के साथ महोत्सव का मुख्य चरण संपन्न होगा। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद महाकाल मंदिर में भगवान शिव एवं शिव परिवार की विधिवत स्थापना की जाएगी। इसके बाद दोपहर में महाप्रसादी का आयोजन होगा।
महाकाल भक्ति और गायत्री साधना का संगम
शाहपुरा में महाकाल मंदिर की स्थापना को केवल नए मंदिर के निर्माण के रूप में नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार, साधना और जनजागरण के संगम के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर भगवान महाकाल एवं शिव परिवार की आराधना होगी, वहीं दूसरी ओर गायत्री परिवार की विचारधारा के अनुरूप यज्ञ, संस्कार और समाज जागरण का संदेश भी लोगों तक पहुंचेगा।
आयोजकों का मानना है कि प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह मंदिर शाहपुरा में भगवान शिव के भक्तों के लिए एक नया धार्मिक केंद्र बनेगा। यहां नियमित धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
महोत्सव को लेकर गायत्री परिवार के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शिवभक्तों में उत्साह बना हुआ है। महाकाल मंदिर की स्थापना के साथ शाहपुरा की धार्मिक पहचान में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।
यह भी पढ़ें:

Bhilwara, Rajasthan
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।