पद दंगल डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण, अर्चना मीना बोलीं- संस्कृति बचेगी तो समाज बचेगा


रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर लालरामपुरा में मीणा समाज की लोक धरोहर पद दंगल पर बनी डॉक्यूमेंट्री का भव्य लोकार्पण हुआ।

पद दंगल पर बनी डॉक्यूमेंट्री का भव्य लोकार्पण

लालरामपुरा।पंकज शर्मा। पद दंगल डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से मीणा समाज की सदियों पुरानी समृद्ध लोक परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर ग्राम लालरामपुरा में पद दंगल पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भव्य लोकार्पण एवं प्रदर्शन किया गया।

यह डॉक्यूमेंट्री स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय महिला प्रमुख अर्चना मीना की पहल पर तैयार की गई है। डॉक्यूमेंट्री तैयार करने का उद्देश्य मीणा समाज की गौरवशाली लोक कला ‘पद दंगल’ को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा अपनी साधना, प्रतिभा और कला के माध्यम से इस परंपरा को जीवंत रखने वाले कलाकारों के योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है।

चार दिग्गज कलाकारों की जीवनयात्रा को किया प्रदर्शित

डॉक्यूमेंट्री में पद दंगल के चार प्रमुख एवं वरिष्ठ कलाकारों धवले राम मीणा, जगन मीणा, रामकेश मीणा एवं जलसिंह मीणा की जीवनयात्रा को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।

फिल्म में इन चारों कलाकारों की पद दंगल कला के प्रति साधना, उनकी प्रतिभा और इस लोक परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके योगदान को प्रदर्शित किया गया। कलाकारों ने वर्षों की साधना और अपनी सृजनशीलता के माध्यम से जिस प्रकार इस लोक कला को जीवंत बनाए रखा, उसे डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से समाज के सामने लाने का प्रयास किया गया है।

चारों कलाकारों ने दी लाइव पद दंगल प्रस्तुति

कार्यक्रम के दौरान डॉक्यूमेंट्री में शामिल चारों वरिष्ठ कलाकारों ने अपनी लाइव पद दंगल प्रस्तुति भी दी। उनकी ओजपूर्ण एवं भावपूर्ण प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कलाकारों की प्रस्तुति के दौरान कार्यक्रम स्थल पर लोक कला और संस्कृति का विशेष वातावरण देखने को मिला। लालरामपुरा सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुति का आनंद लिया।

‘पद दंगल’ मीणा समाज की आत्मा और पहचान: अर्चना मीना

इस अवसर पर अर्चना मीना ने कहा कि ‘पद दंगल’ केवल एक लोक कला नहीं, बल्कि मीणा समाज की आत्मा, पहचान और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत है। उन्होंने कहा कि इस लोक परंपरा के माध्यम से समाज के कलाकारों ने पौराणिक कथाओं, धार्मिक एवं प्रेरणादायी प्रसंगों, लोक जीवन के अनुभवों और सामाजिक सरोकारों को सहज रूप से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया है।

अर्चना मीना ने कहा कि आधुनिकता के दौर में इस समृद्ध लोक विरासत को संरक्षित करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के बीच अपनी सांस्कृतिक जड़ों और लोक परंपराओं को सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस विरासत से जुड़ी रह सकें।

कलाकारों की वर्षों की तपस्या को समाज के सामने लाने का प्रयास

अर्चना मीना ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से पद दंगल के कलाकारों की वर्षों की तपस्या, योगदान और सृजनशीलता को समाज के सामने लाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल पुरानी लोक कला को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी इस समृद्ध लोक परंपरा के बारे में जानने और समझने का अवसर देना भी है। नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को जाने, उसे समझे और उस पर गर्व करे, इसी उद्देश्य के साथ डॉक्यूमेंट्री तैयार की गई है।

ग्रामीणों और सहयोगियों का जताया आभार

अर्चना मीना ने कार्यक्रम के अवसर पर लालरामपुरा एवं आसपास के सभी ग्रामवासियों, प्रबुद्धजनों और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने डॉक्यूमेंट्री के निर्माण में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों का यही स्नेह और सहयोग भविष्य में भी अपनी लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरणा देता रहेगा।

रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए दिया संदेश

अर्चना मीना ने इस अवसर पर सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज को मिलकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होगा।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि “संस्कृति बचेगी तो समाज बचेगा।” उन्होंने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए लोक कला और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉक्यूमेंट्री निर्देशक अर्पित और टीम रही मौजूद

डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन के दौरान इसके निर्देशक अर्पित एवं उनकी पूरी टीम विशेष रूप से उपस्थित रही। फिल्म निर्माण से जुड़े सदस्यों की मौजूदगी में डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में श्रीलाल मीणा, नलकेश मीणा, विभिन्न समाचार पत्रों के प्रेस प्रतिनिधि तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने डॉक्यूमेंट्री के निर्माण और इसके माध्यम से मीणा समाज की लोक सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने की पहल को देखा।

ग्रामीणों और अतिथियों ने की डॉक्यूमेंट्री की सराहना

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं अतिथियों ने डॉक्यूमेंट्री की सराहना की। उन्होंने इसे मीणा समाज की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में सराहनीय एवं महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

ग्रामीणों और अतिथियों ने कहा कि पद दंगल जैसी लोक परंपराओं से जुड़े कलाकारों की जीवनयात्रा और उनके योगदान को डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से सामने लाना महत्वपूर्ण है। इससे समाज की नई पीढ़ी को अपनी लोक कला और सांस्कृतिक परंपरा के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।

इस दौरान फिल्म निर्माण से जुड़े सभी कलाकारों, निर्देशक एवं पूरी टीम को बधाई दी गई। कार्यक्रम के माध्यम से पद दंगल की समृद्ध परंपरा, इससे जुड़े वरिष्ठ कलाकारों की साधना और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की पहल को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर लालरामपुरा में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन के साथ चारों वरिष्ठ कलाकारों की लाइव प्रस्तुति ने आयोजन को विशेष बना दिया। वहीं, अर्चना मीना ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि समाज की पहचान उसकी संस्कृति से जुड़ी होती है और इसे सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

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