IFWJ राजस्थान ‘पत्रकारों के लिए पत्रकार’ मंच के जरिए प्रेस स्वतंत्रता और पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को आवाज देगा।
जयपुर। राजस्थान में प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर पत्रकार एकजुट होकर एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) राजस्थान ने अपना यूट्यूब चैनल ‘आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान’ शुरू करने की घोषणा की है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के अक्टूबर में लॉन्च होने की संभावना है।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब पत्रकारों पर बढ़ते दबाव और मीडिया में स्वतंत्र आवाजों के लिए सिकुड़ती जगह को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। प्रस्तावित मंच को ‘पत्रकारों के लिए पत्रकार’ प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा।
पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को मिलेगा मंच
प्रस्तावित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पत्रकार स्वयं अपने पेशेवर जीवन से जुड़ी चुनौतियों, दबाव और उत्पीड़न की घटनाओं को सामने रख सकेंगे। इसके साथ ही प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों और ऐसे मुद्दों को भी प्रमुखता दी जाएगी, जिन्हें मुख्यधारा के मीडिया में कई बार पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता।
आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य पत्रकारों की आवाज को सामूहिक रूप से सामने लाना और मीडिया बिरादरी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए एक स्वतंत्र मंच उपलब्ध कराना है।
‘पत्रकारों को अपनी आवाज खुद बुलंद करनी होगी’
आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि पत्रकारों को सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस हो रही है।
राठौड़ ने कहा, “अब समय आ गया है कि पत्रकार एकजुट हों और उन कठोर वास्तविकताओं के बारे में खुलकर बोलें, जिनका वे रोज़मर्रा के पेशेवर जीवन में सामना करते हैं।”
उन्होंने कहा कि पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को कई बार पर्याप्त कवरेज नहीं मिल पाती, विशेषकर तब, जब मामला प्रभावशाली व्यक्तियों या संस्थाओं से जुड़ा हो।
19 दिन के धरने का भी किया उल्लेख
उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने सत्ता के खिलाफ अपने 19 दिन लंबे धरने का उल्लेख करते हुए दावा किया कि लंबे समय तक चले इस विरोध प्रदर्शन को भी कई मीडिया संस्थानों ने भय और दबाव के कारण अपेक्षित कवरेज नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “मैं समझ सकता हूं कि किसी मीडिया संस्थान की अपनी सीमाएं हो सकती हैं। इसलिए अपना एक मंच होना पहले से कहीं अधिक आवश्यक महसूस हुआ।”
राठौड़ के अनुसार, इसी तरह की परिस्थितियों को देखते हुए पत्रकारों के लिए अपना डिजिटल मंच तैयार करने की आवश्यकता महसूस हुई, जहां मीडिया बिरादरी से जुड़े विषयों को सीधे सामने रखा जा सके।
‘बाहरी दबाव से मुक्त होगा मंच’
प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रस्तावित चैनल पत्रकारों को ऐसा स्वतंत्र मंच उपलब्ध कराएगा, जहां मीडिया बिरादरी से जुड़े मुद्दों को बिना किसी भय के उठाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा, “पत्रकारों द्वारा, पत्रकारों के लिए चलाया जाने वाला चैनल किसी के दबाव में नहीं रहेगा।”
प्रस्तावित चैनल का फोकस केवल प्रेस की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं रहेगा। इसके माध्यम से राजस्थान में पत्रकारों के सामने आने वाली दैनिक पेशेवर चुनौतियों को भी प्रमुखता दी जाएगी।
प्रशासनिक दबाव से पेशेवर असुरक्षा तक मुद्दे होंगे शामिल
चैनल पर पत्रकारों से जुड़े विभिन्न विषयों को सामने रखने की योजना है। इनमें प्रशासनिक दबाव, धमकियां, उत्पीड़न, समाचार संकलन में प्रतिबंध, पेशेवर असुरक्षा तथा जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों से जुड़े मुद्दे शामिल होंगे।
इस तरह मंच के जरिए पत्रकारिता के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और मीडिया बिरादरी से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान का कहना है कि इसका उद्देश्य पत्रकारों की सामूहिक और स्वतंत्र आवाज को स्थापित करना है।
स्व-वित्तपोषित मॉडल पर होगी पहल
प्रस्तावित डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरुआती चरण में स्व-वित्तपोषित मॉडल पर काम करेगा। इससे जुड़े पत्रकार अपनी क्षमता के अनुसार चैनल के संचालन से जुड़ी आवश्यकताओं में योगदान देंगे।
आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान के अनुसार, यह पहल केवल एक और यूट्यूब न्यूज चैनल तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य पत्रकारों के मुद्दों के लिए एक ऐसा मंच तैयार करना है, जहां उनकी सामूहिक और स्वतंत्र आवाज सामने आ सके।
राजस्थान के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों की होगी भागीदारी
राज्य के विभिन्न जिलों के पत्रकारों की भागीदारी के साथ प्रस्तावित मंच राजस्थान के कस्बों, गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों से सामने आने वाले मुद्दों को व्यापक मंच प्रदान कर सकता है।
खास तौर पर उन पत्रकारों से जुड़े विषयों को सामने लाने पर जोर रहेगा, जो बड़े मीडिया केंद्रों से बाहर रहकर काम कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से ऐसे पत्रकारों के पेशेवर अनुभव और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को भी सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाया जा सकता है।
अक्टूबर में लॉन्च होने की संभावना
आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान यूट्यूब चैनल के अक्टूबर में लॉन्च होने की संभावना है। संगठन की ओर से राज्यभर के पत्रकारों को चैनल की सामग्री तैयार करने, रिपोर्टिंग और अन्य गतिविधियों में शामिल किए जाने की उम्मीद है।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब तेजी से बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में पत्रकार प्रेस की स्वतंत्रता के साथ-साथ पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और पेशेवर अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक विमर्श में बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मंचों की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं।
आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान की इस पहल का संदेश स्पष्ट है कि जब पत्रकारों से जुड़े मुद्दों की आवाज अपेक्षित रूप से सामने नहीं आ पाए, तो पत्रकार स्वयं ऐसा मंच तैयार करें, जहां वे अपनी बात मजबूती से रख सकें।
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