राष्ट्रीय खेल दिवस पर भीलवाड़ा में बेटियों का दमखम, बॉक्सिंग रिंग में दिखाया हुनर


लाडो स्पोर्ट्स एकेडमी की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में बालिकाओं ने सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में शानदार खेल प्रतिभा दिखाई।

भीलवाड़ा। पंकज पोरवाल। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर भीलवाड़ा की बेटियों ने बॉक्सिंग रिंग में अपने दमखम और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। शहीद राजगुरु खेल मैदान में रविवार को लाडो सेवा फाउंडेशन की ओर से संचालित लाडो स्पोर्ट्स एकेडमी के दो दिवसीय खेल आयोजन के तहत बालिका बॉक्सिंग के सेमीफाइनल एवं फाइनल मुकाबले आयोजित किए गए। मुकाबलों के दौरान बालिकाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रिंग में उतरकर अपने पंच, फुटवर्क और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।

बॉक्सिंग रिंग में दिखा बेटियों का आत्मविश्वास

प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न भार वर्गों में बालिका खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। खिलाड़ियों ने पूरे आत्मविश्वास और जोश के साथ मुकाबलों में हिस्सा लिया। सेमीफाइनल से लेकर फाइनल तक प्रत्येक खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए पूरी ताकत लगाई।

मुकाबलों में खिलाड़ियों के पंच, फुटवर्क और तकनीकी कौशल ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। फाइनल मुकाबलों के दौरान रिंग में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। हर खिलाड़ी ने जीत हासिल करने के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल किया।

लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने कहा- बेटियों को मिले बेहतर अवसर

लाडो सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष अधिवक्ता लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने कहा कि बेटियां जब मैदान में उतरती हैं तो वे सिर्फ मुकाबला नहीं करतीं, बल्कि अपनी पहचान और अपने सपनों के लिए भी संघर्ष करती हैं।

उन्होंने कहा कि बालिकाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। यदि उन्हें सही प्रशिक्षण, उचित अवसर और निरंतर प्रोत्साहन मिले तो वे खेलों के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ा सकती हैं।

शानदार पंच और फुटवर्क ने बढ़ाया रोमांच

प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। प्रत्येक खिलाड़ी ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। खास तौर पर फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों के शानदार पंच और बेहतरीन फुटवर्क ने दर्शकों में रोमांच पैदा कर दिया।

जीत हासिल करने वाली खिलाड़ियों के चेहरे पर उत्साह और खुशी नजर आई। वहीं, मुकाबला हारने वाली प्रतिभागियों ने भी खेल भावना का परिचय देते हुए अपने प्रदर्शन से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने आयोजन को खास बना दिया।

खेलों से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास

लाडो स्पोर्ट्स एकेडमी का उद्देश्य बालिकाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित, सकारात्मक और प्रोत्साहनपूर्ण मंच उपलब्ध कराना है। संस्था के अनुसार खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि खेलों के माध्यम से बालिकाओं में कई महत्वपूर्ण गुणों का विकास होता है।

खेल गतिविधियों से बालिकाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, निर्णय क्षमता, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता विकसित होती है। इसी उद्देश्य के साथ एकेडमी की ओर से बालिकाओं को खेलों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को मंच देने का प्रयास किया जा रहा है।

अवसर और प्रशिक्षण मिले तो बेटियां बना सकती हैं पहचान

आयोजन ने यह संदेश दिया कि बेटियों को यदि उचित अवसर और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो वे अपनी प्रतिभा के दम पर हर क्षेत्र में पहचान बना सकती हैं। इसके लिए उन्हें लगातार अवसर, प्रशिक्षण और बेहतर मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।

प्रतियोगिता में इच्छा, निशा, संध्या स्वाइन, मीनू कोली, गायत्री, खुशबू बंसल, सावित्री, वंशिका, निशा वर्मा, भावना निर्वाण, कविता, खुशी, कोमल, मुस्कान, लक्ष्मी, श्रद्धा, खुशी जाट, तमना, सुमन और माधवी सहित कई बालिकाओं ने भाग लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन

आयोजन के दौरान लाडो सेवा फाउंडेशन के प्रयासों की उपस्थित लोगों ने सराहना की। साथ ही, विजेता और प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया।

दो दिवसीय खेल आयोजन के तहत आयोजित बालिका बॉक्सिंग प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भीलवाड़ा की बेटियों में खेल प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें निरंतर प्रशिक्षण, बेहतर अवसर और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए सही मंच उपलब्ध कराने की है।

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