लेटे हनुमान जी के गर्भगृह में पहुंची गंगा, मंदिर जलमग्न; दर्शन रोके गए


बढ़ते जलस्तर के बीच गंगा-यमुना का पानी मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा, प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाकर श्रद्धालुओं से सावधानी की अपील की।

प्रयागराज। राजदेव द्विवेदी। संगम नगरी प्रयागराज में आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच लेटे हनुमान जी का मंदिर गंगा के जल में जलमग्न हो गया। मोक्षदायिनी मां गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण संगम स्थित विश्व प्रसिद्ध लेटे हनुमान जी मंदिर का गर्भगृह भी पूरी तरह पानी में डूब गया।

गंगा का पानी मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा

लगातार हो रही बारिश के बाद गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। आज सुबह से ही दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। दोपहर तक पानी श्री बड़े हनुमान जी मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गया।

जलस्तर बढ़ने के साथ मंदिर परिसर में भी पानी पहुंच गया और देखते ही देखते गर्भगृह पूरी तरह जलमग्न हो गया। संगम क्षेत्र में इस दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ पड़ी।

दर्शन अस्थायी रूप से रोके गए

मंदिर प्रशासन ने बताया कि गर्भगृह में पानी भरने के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण मंदिर में सामान्य दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई है।

हालांकि, घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी। इस दौरान ‘जय बजरंगबली’ और ‘हर हर गंगे’ के जयकारों से पूरा संगम क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।

श्रद्धालु इसे मान रहे मां गंगा का आशीर्वाद

लेटे हनुमान जी के गर्भगृह तक गंगा का पानी पहुंचने की घटना को श्रद्धालु धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। कई श्रद्धालु इसे बाढ़ के रूप में नहीं, बल्कि मां गंगा का आशीर्वाद मान रहे हैं।

लेटे हनुमान जी मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब तक मां गंगा स्वयं आकर बड़े हनुमान जी को स्नान नहीं करातीं, तब तक मानसून की विदाई नहीं होती। इसी मान्यता के चलते गंगा का मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

‘मां गंगा स्वयं आकर करती हैं जलाभिषेक’

मंदिर के पुजारी ने बताया, “यह हर साल की परंपरा है। मां गंगा स्वयं आकर हनुमान जी का जलाभिषेक करती हैं। यह अत्यंत शुभ माना जाता है।”

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच मंदिर के गर्भगृह में पानी पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इस धार्मिक परंपरा को लेकर भी चर्चा रही। संगम क्षेत्र में मौजूद भक्तों ने इसे आस्था से जोड़कर देखा।

प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, घाटों से दूर रहने की अपील

गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने संगम क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से लोगों से घाटों से दूर रहने की अपील की गई है।

फिलहाल गंगा और यमुना दोनों खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से संगम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर के गर्भगृह में पानी पहुंचने के बाद दर्शन अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं, जबकि श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और घाटों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

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