दूषित पानी से बीमारी पर हाईकोर्ट सख्त अधिकारियों को निर्देश


ज्यौलीकोट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी से बीमारी और मौत के मामले में हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

नैनीताल। जनपद नैनीताल के ज्यौलीकोट और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी से फैल रही बीमारियों का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। मूसलाधार बारिश के चलते दूषित पानी से हो रही बीमारियों के कारण दो लोगों की मौत होने के मामले में हाईकोर्ट ने अधिकारियों को क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल और बेहतर उपचार सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट। ललित जोशी।

स्वच्छ पेयजल और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश

मामले का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने तथा लोगों को बेहतर इलाज की सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

न्यायालय ने अधिकारियों से क्षेत्र में दूषित पानी के कारण उत्पन्न हुई स्थिति और लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही, लोगों को बीमारी से बचाने और प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

टेस्टिंग लैब को लेकर जल्द निर्णय के निर्देश

हाईकोर्ट ने कुमाऊं क्षेत्र के लिए प्रस्तावित टेस्टिंग लैब के संबंध में भी संबंधित सचिव से जल्द निर्णय लेने को कहा है। न्यायालय ने इस मामले को भी महत्वपूर्ण मानते हुए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

मामले में अब अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। अगली सुनवाई के दौरान मामले से संबंधित आगे की स्थिति और अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी सामने रखी जा सकती है।

अधिकारियों से हाईकोर्ट ने ली जानकारी

वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए।

इस दौरान जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, सीएमओ रश्मि पंत, एसई जल संस्थान विशाल कुमार, एसई जल निगम अनीश कुमार और चीफ इंजीनियर आलोक उपस्थित हुए। न्यायालय ने अधिकारियों से क्षेत्र में दूषित पानी से उत्पन्न स्थिति और लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

हाईकोर्ट ने मामले में अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने और प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल तथा बेहतर उपचार सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

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