नदबई में पोखर में डूबा 16 वर्षीय बालक, सात घंटे बाद भी सुराग नहीं


रौनीजा गांव में खेत पर काम करने के बाद नहाने उतरा था बालक, अंधेरा होने पर एसडीआरएफ ने तलाशी अभियान रोका

नदबई। नदबई क्षेत्र के रौनीजा गांव में शुक्रवार दोपहर पोखर में डूबे 16 वर्षीय बालक का सात घंटे बाद भी सुराग नहीं लग सका। खेत में काम करने के बाद नहाने के लिए पोखर में उतरा बालक अचानक असंतुलित होकर पैर फिसलने के कारण गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने बालक को तलाशने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और बाद में एसडीआरएफ टीम ने गोताखोरों की सहायता से तलाशी अभियान चलाया।

हालांकि, करीब सात घंटे तक लगातार प्रयास के बावजूद बालक का पता नहीं चल सका। देर शाम अंधेरा होने के कारण एसडीआरएफ टीम और पुलिस अधिकारियों ने तलाशी अभियान को रोक दिया। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

खेत में परिजनों के साथ काम कर रहा था बालक

विभागीय सूत्रों के अनुसार, सुमित कुमार पुत्र सतीशचंद अपने परिजनों के साथ बाजरे की फसल में काम कर रहा था। शुक्रवार दोपहर खेत में काम करने के बाद करीब एक बजे सुमित कुमार खेत के समीप स्थित पोखर में नहाने के लिए गया।

इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने के कारण वह पोखर के पानी में डूब गया। अचानक हुई घटना से मौके पर मौजूद परिजन घबरा गए।

परिजनों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया

सुमित कुमार को पोखर में डूबता देखकर खेत में काम कर रहे उसके परिजनों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। आवाज सुनकर समीपवर्ती खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों ने बालक को बचाने और पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

पुलिस के बाद एसडीआरएफ टीम ने संभाला मोर्चा

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआत में ग्रामीण तैराकों की सहायता से पोखर में बालक की तलाश की गई। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया गया।

एसडीआरएफ टीम में शामिल गोताखोरों ने पानी से भरी पोखर में उतरकर बालक की तलाश शुरू की। टीम ने पोखर के अलग-अलग हिस्सों में काफी देर तक तलाश की, लेकिन बालक का कोई सुराग नहीं मिल सका।

करीब सात घंटे तक चला तलाशी अभियान

बालक की तलाश में एसडीआरएफ और गोताखोरों ने लगातार मशक्कत की। ग्रामीण और परिजन भी मौके पर मौजूद रहे और बालक के मिलने की उम्मीद लगाए रहे।

हालांकि, देर शाम करीब 8 बजे तक भी बालक का पोखर में कोई सुराग नहीं लगा। सात घंटे तक चले तलाशी प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिलने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई।

अंधेरा होने पर रोकना पड़ा तलाशी अभियान

देर शाम अंधेरा होने के कारण पोखर में तलाशी अभियान चलाने में परेशानी बढ़ गई। इसके चलते एसडीआरएफ टीम और पुलिस अधिकारियों ने तलाशी प्रक्रिया को रोक दिया।

बालक के नहीं मिलने के कारण परिजनों और ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। घटना के बाद से गांव में भी शोक और चिंता का माहौल है।

ग्रामीण और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

सुमित कुमार के पोखर में डूबने की घटना के बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग लगातार बालक के मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

वहीं, ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहकर तलाशी अभियान में सहयोग करते रहे। सात घंटे तक चले प्रयास के बावजूद बालक का सुराग नहीं मिलने से सभी चिंतित हैं।

फिलहाल अंधेरा होने के कारण तलाशी अभियान रोक दिया गया है। बालक की तलाश को लेकर आगे की कार्रवाई संबंधित टीम और पुलिस की निगरानी में होगी।

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