डीग में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन वामन अवतार का वर्णन


कथा प्रवक्ता पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा सत्संग से भक्ति मिलती है, भक्तिभाव से भगवान भी भक्तों के पास आते हैं

डीग।शहर के खंडेलवाल धर्मशाला में आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस व्यास पीठ पर विराजमान लक्ष्मण मंदिर के महंत एवं कथा प्रवक्ता पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने भगवान विष्णु के पांचवें अवतार वामन अवतार और मोहिनी अवतार की कथा का वर्णन किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

वामन अवतार की कथा सुनाई

पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने भगवान विष्णु के वामन अवतार का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान विष्णु ने वामन रूप में यह अवतार उस समय लिया था, जब असुरराज बलि ने देवताओं से स्वर्ग छीन लिया था

कथा के अनुसार वामन देव एक बौने ब्राह्मण के वेश में राजा बलि के पास पहुंचे और उनसे रहने के लिए तीन पग भूमि मांगी। राजा बलि ने उन्हें दान देने का वचन दिया। इसके बाद वामन देव ने अपना विराट रूप धारण कर लिया और एक पग में धरती तथा दूसरे पग में स्वर्ग को नाप लिया।

जब तीसरा पग रखने के लिए कोई स्थान नहीं बचा तो राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया। वामन देव ने बलि के सिर पर अपना पैर रखकर उन्हें पाताल लोक भेज दिया और देवताओं को स्वर्ग वापस दिलाया।

भक्ति से भगवान भी भक्तों के पास आते हैं

कथा प्रवक्ता पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि भगवान भक्ति से बंध जाते हैं। भक्ति भगवान को बांधती है और भक्ति के कारण भगवान को अपने भक्तों के पास आना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि ज्ञान के मार्ग में ज्ञानी को भगवान के पास जाना पड़ता है, जबकि भक्ति के मार्ग में भगवान भक्तों के पास आते हैं। उन्होंने कहा कि “भक्ति स्वतंत्र सकल गुण खानी, बिन सत्संग न पावहिं प्राणी”। भक्ति स्वतंत्र है और सभी गुणों का भंडार है, लेकिन भक्ति सत्संग और संतों के संग से ही प्राप्त हो सकती है।

जीवन में सत्संग जरूर करना चाहिए

पाराशर ने श्रद्धालुओं से कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्संग अवश्य करना चाहिए। संतों का संग व्यक्ति को भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से ही भक्ति की प्राप्ति होती है और जीवन का कल्याण संभव है।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर श्रीमती कांति देवी, संजय खंडेलवाल उर्फ बंटी, महेश खंडेलवाल, आदित्य खंडेलवाल, निखिल खंडेलवाल, पार्थ खंडेलवाल, बाबू लाल, भगवान, मुकेश, विष्णु, लखन, आशा खंडेलवाल, सलोनी खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *