बांकीपुर धरा में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव पर श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए।
प्रयागराज। यमुनानगर के बारा तहसील अंतर्गत बांकीपुर धरा गांव इन दिनों हरि-कीर्तन और भक्ति रस में डूबा हुआ है। यहां समाजसेवी मनोज मिश्रा सपरिवार द्वारा अपने पूज्य पिताजी के वार्षिक श्राद्ध के उपलक्ष्य में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत पुराण कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन कराया जा रहा है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग श्रद्धालु पहुंचकर भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं।
फूल-मालाओं और झालरों से सुसज्जित विशाल पंडाल में जैसे ही वीणा-पाणि की वंदना के साथ कथा का शुभारंभ होता है, पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। इस ज्ञान यज्ञ के मुख्य यजमान मनोज मिश्रा सपरिवार हैं। उनके द्वारा अपने पितरों की आत्मा की शांति एवं परिवार के मंगल कल्याण की कामना से इस दिव्य अनुष्ठान का संकल्प लिया गया है।
कथा का अमृतपान सुप्रसिद्ध भागवताचार्य परम पूज्य पं. बृज बिहारी तिवारी जी महाराज करा रहे हैं। अपनी ओजस्वी वाणी और सारगर्भित व्याख्या के माध्यम से महाराज जी श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत के गूढ़ रहस्यों और धार्मिक प्रसंगों से रूबरू करा रहे हैं।
चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव पर गूंजे जयकारे
श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया गया। जैसे ही कथावाचक महाराज ने “नंद के घर आनंद भयो” का उद्घोष किया, पूरा पंडाल “जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
कृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों और भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते और नाचते नजर आए। पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते हुए जन्मोत्सव के प्रसंग को भक्ति भाव के साथ मनाया।
भागवत कथा को बताया पितरों की शांति का माध्यम
कथा के दौरान कथावाचक पं. बृज बिहारी तिवारी जी महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा जीव के उद्धार का सबसे सरल मार्ग है।
महाराज ने कहा कि “भागवत कथा के श्रवण मात्र से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं।” उन्होंने श्रद्धालुओं को कथा श्रवण के साथ धार्मिक जीवन और सद्कर्मों की ओर बढ़ने का संदेश भी दिया।
कथा में गणमान्य नागरिकों सहित सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे
श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की भी उपस्थिति रही। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बांकीपुर धरा पहुंचे और धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।
प्रमुख रूप से नीबी लोहगरा के प्रधान प्रतिनिधि भोला गर्ग, सुंदरपुर के प्रधान पति अमित पांडेय, पूर्व प्रधान शांति स्वरूप मिश्रा, पूर्व प्रधान विजय पांडे, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि राधा कृष्ण पांडे और पूर्व सैनिक कमलाकांत मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं के लिए की गई बैठने और प्रसाद की व्यवस्था
कथा आयोजन को लेकर यजमान परिवार की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही शुद्ध पेयजल और प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है, जिससे कथा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
विशाल पंडाल को फूल-मालाओं और झालरों से सजाया गया है। कथा के दौरान धार्मिक वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ कथा का श्रवण कर रहे हैं।
प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक होगी कथा
आयोजकों के अनुसार श्रीमद् भागवत पुराण कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन का समापन हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ होगा।
यजमान परिवार द्वारा अपने पूज्य पिताजी के वार्षिक श्राद्ध के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में पितरों की आत्मा की शांति और परिवार के मंगल कल्याण की कामना की जा रही है। कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
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