शंकरगढ़, बारा, लालापुर और जसरा क्षेत्र में बारिश से जनजीवन प्रभावित, जलभराव के बीच नालियों की सफाई और पानी निकासी पर सवाल उठे।
प्रयागराज। राजदेव द्विवेदी। बारिश से जलभराव के कारण शंकरगढ़, बारा, लालापुर और जसरा क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित होने की खबर है। पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच कई जगहों पर रास्तों और निचले इलाकों में पानी भरने की बात सामने आई है। प्रयागराज में 26 सितंबर को मौसम विभाग ने भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दर्ज की थी।
बारिश के कारण कच्चे मकानों की दीवारों के दरकने, खेतों में पानी भरने और निचली बस्तियों में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है। वहीं, जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बारिश के बाद निचले इलाकों में जलभराव
स्थानीय लोगों के अनुसार लगातार बारिश के चलते कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया है। कुछ स्थानों पर रास्तों पर पानी भरने से लोगों के आवागमन में परेशानी हुई। खेतों में भी बारिश का पानी जमा होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ी है।
प्रयागराज में हालिया बारिश के दौरान जलभराव से आवागमन प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं।
नालियों की सफाई और पानी निकासी पर सवाल
बारिश के बाद नालियों और नालों में पानी की निकासी को लेकर स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था रहती तो कई जगहों पर जलभराव की स्थिति कम हो सकती थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि हर वर्ष बारिश के दौरान इसी तरह की समस्या सामने आती है और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर पहले से पर्याप्त तैयारी नहीं दिखाई देती।
बारिश के बीच नेताओं के दौरे पर भी चर्चा
जलभराव के बीच स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के मौके पर पहुंचने को लेकर भी चर्चा रही। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ लोगों ने जलभराव वाले स्थानों का जायजा लिया और तस्वीरें भी साझा कीं।
इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजनीतिक बयानबाजी से अधिक जरूरी तत्काल पानी की निकासी और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना है।
ग्रामीणों ने पूछा- नालियां कौन साफ कराएगा?
ग्रामीणों और नागरिकों का कहना है कि बारिश हर साल आती है, लेकिन जल निकासी की समस्या कई इलाकों में दोहराती रहती है। लोगों ने सवाल उठाया कि नालों और नालियों की सफाई के लिए होने वाले खर्च के बावजूद यदि बारिश में पानी जमा होता है तो इसकी समीक्षा होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान केवल बारिश के समय मौके पर पहुंचने से नहीं होगा, बल्कि नालियों की नियमित सफाई और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था जरूरी है।
जलभराव से प्रभावित लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की
ग्रामीणों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शंकरगढ़, बारा, लालापुर और जसरा क्षेत्र में जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित किया जाए। साथ ही नालों और नालियों की सफाई, पानी की निकासी तथा जरूरत वाले स्थानों पर स्थायी व्यवस्था की जाए।
लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान फोटो या बयान से अधिक जरूरी प्रभावित रास्तों और बस्तियों से पानी निकालना है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बारिश का पानी उतरने के बाद प्रशासन जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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