डीएम के आदेश पर जांच करने पहुंची आरईडी और जेई जसरा की टीम के सामने पक्ष-विपक्ष में विवाद, पुलिस बल नहीं होने से जांच अधूरी रही
प्रयागराज। यमुनानगर के विकासखंड कौंधियारा की ग्राम पंचायत गोंठी में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के आदेश पर 14 बिंदुओं की जांच करने पहुंची ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) की टीम के सामने हंगामा हो गया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष और निवर्तमान प्रधान/प्रशासक पक्ष के लोगों के बीच विवाद बढ़ने से जांच कार्य प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए अधिशासी अभियंता आरईडी और जेई जसरा की टीम को जांच अधूरी छोड़कर वापस लौटना पड़ा।
जिलाधिकारी के आदेश संख्या /7-पं०/शि०लि०-जाँच/2026-27, 08 जुलाई 2026 के क्रम में अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम ग्राम पंचायत गोंठी में विभिन्न कार्यों का स्थलीय सत्यापन करने पहुंची थी।
14 बिंदुओं पर होनी थी जांच
जांच टीम को ग्राम पंचायत में हैंडपंप मरम्मत, नाली मरम्मत, अमृत सरोवर, पंचायत सचिवालय सुंदरीकरण, इंटरलॉकिंग सहित कुल 14 बिंदुओं पर स्थलीय जांच करनी थी।
टीम ने जैसे ही मौके पर जांच की प्रक्रिया शुरू की, वहां मौजूद शिकायतकर्ता पक्ष और निवर्तमान प्रधान/प्रशासक पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक होने लगी।
पक्ष-विपक्ष के विवाद से जांच कार्य प्रभावित
शिकायतकर्ता पक्ष में नरेन्द्र कुमार शुक्ला, सुनील पाण्डेय, रमेश प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों के साथ विवाद बढ़ने के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
दोनों पक्षों के बीच बढ़ती तनातनी के चलते जांच टीम को कार्य करने में परेशानी हुई। स्थिति बिगड़ने के कारण जांच टीम सभी 14 बिंदुओं का स्थलीय सत्यापन पूरा नहीं कर सकी और उसे वापस लौटना पड़ा।
बिना पुलिस बल के जांच पर उठे सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल जांच टीम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जांच टीम के साथ पुलिस प्रशासन का बल मौजूद नहीं था, जबकि डीएम के आदेश में शिकायतकर्ता की उपस्थिति में जांच किए जाने का उल्लेख था।
मौके पर पक्ष-विपक्ष के बीच विवाद बढ़ने के बाद पुलिस बल की अनुपस्थिति में जांच टीम के सामने स्थिति संभालना मुश्किल हो गया। आखिरकार टीम को अधूरी जांच छोड़कर लौटना पड़ा।
पुलिस के साथ दोबारा जांच कराने की मांग
घटना के बाद शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दोबारा जांच कराने की मांग की गई है। उनका कहना है कि विवाद की स्थिति को देखते हुए पुलिस सुरक्षा के बिना मौके पर निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से जांच पूरी करना मुश्किल है।
शिकायतकर्ताओं और ग्रामीणों ने कहा कि जांच के दौरान यदि कोई अप्रिय घटना होती तो इसकी जिम्मेदारी तय करना भी बड़ा सवाल होता। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था के साथ जांच पूरी कराने की मांग की है।
14 बिंदुओं की जांच पूरी होने का इंतजार
गोंठी ग्राम पंचायत में 14 बिंदुओं पर जांच का मामला अब एक बार फिर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिक गया है। जांच टीम के हंगामे के कारण वापस लौटने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या जिला प्रशासन पुलिस बल के साथ दोबारा टीम भेजकर जांच पूरी कराएगा।
शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि जांच निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से पूरी होनी चाहिए, ताकि जिन कार्यों को लेकर शिकायत की गई है उनका वास्तविक स्थलीय सत्यापन हो सके। अब प्रशासन की ओर से अगली जांच की तारीख और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्णय का इंतजार है।
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