डीग जिला कारागृह का संयुक्त निरीक्षण, विचाराधीन बंदियों के मामलों की समीक्षा


जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने किया निरीक्षण, यूटीआरसी और ई-प्रिजन्स पोर्टल के क्रियान्वयन पर हुई समीक्षा

डीग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के तत्वावधान में 15 अक्टूबर 2026 को जिला कारागृह का संयुक्त निरीक्षण किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष उपेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में हुए निरीक्षण के साथ विचाराधीन बंदियों की विधिक सहायता, संभावित रिहाई और ई-प्रिजन्स पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।

बैठक में न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बंदियों के विधिक अधिकारों, पात्र विचाराधीन बंदियों के मामलों की समीक्षा और कारागृह से संबंधित व्यवस्थाओं पर चर्चा की।

बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने किया संयुक्त निरीक्षण

माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल रिट याचिका संख्या 14014/2023, सुकन्या शांता बनाम भारत संघ एवं अन्य में 3 अक्टूबर 2024 को दिए गए आदेश के पैरा 231(viii) की अनुपालना में बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जिला कारागृह का संयुक्त निरीक्षण किया।

निरीक्षण दल ने बंदियों से सीधे संवाद कर कारागृह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उपलब्ध निरीक्षण विवरण के अनुसार, बंदियों के साथ जातिगत भेदभाव अथवा किसी प्रकार की पक्षपातपूर्ण नीति अपनाए जाने का कोई तथ्य सामने नहीं आया।

विचाराधीन बंदियों के मामलों की हुई समीक्षा

निरीक्षण के साथ आयोजित अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी (यूटीआरसी) की बैठक में विचाराधीन बंदियों के मामलों की समीक्षा की गई। इसमें ऐसे बंदियों के प्रकरणों पर विचार किया गया, जो मामूली अपराधों में लंबे समय से निरुद्ध हैं या नियमानुसार जमानत के पात्र हो सकते हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामकिशन शर्मा ने समिति के समक्ष पात्र बंदियों की सूची प्रस्तुत की। बैठक में जोर दिया गया कि कोई भी बंदी आर्थिक तंगी अथवा जानकारी के अभाव में निःशुल्क विधिक सहायता और अधिवक्ता के प्रतिनिधित्व से वंचित नहीं रहना चाहिए।

ई-प्रिजन्स पोर्टल से समय-पूर्व रिहाई की प्रक्रिया की समीक्षा

उच्चतम न्यायालय द्वारा सुरेन्द्र उर्फ सुन्दा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में पारित आदेश की अनुपालना में ई-प्रिजन्स पोर्टल के माध्यम से समय-पूर्व रिहाई से संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई।

बैठक में इन प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुगम बनाने पर चर्चा हुई। कारागृह उपाधीक्षक ने समिति को बताया कि वर्तमान में जिला कारागृह डीग में सभी बंदी विचाराधीन हैं और कोई भी दोषसिद्ध यानी सजायाफ्ता बंदी निरुद्ध नहीं है। इस कारण समय-पूर्व रिहाई से संबंधित कोई प्रकरण फिलहाल लंबित या विचाराधीन नहीं पाया गया।

जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

संयुक्त निरीक्षण और समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मयंक मनीष, पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले, डिप्टी जेलर राजेश योगी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल तथा जिला शिक्षा अधिकारी गंगाराम शर्मा मौजूद रहे।

इसके अलावा संयुक्त निदेशक कृषि विभाग हब्बल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप सिंह, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अक्षय कटारा और डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) राजेंद्र शर्मा सहित न्यायालय, कारागृह प्रशासन और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से विचाराधीन बंदियों के विधिक अधिकारों की रक्षा, पात्र बंदियों को समय पर सहायता और कारागृह से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

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