तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग


शिक्षक संघ (सियाराम) ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध हटाने और पारदर्शी नीति लागू करने की मांग की

गंगापुर सिटी।पंकज शर्मा। तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के मुख्य संरक्षक एवं प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने तथा प्रदेश में एक पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की पुरजोर मांग की गई है।

तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण से प्रतिबंध हटाने की मांग

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने 19 जून को आदेश जारी कर राजकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण से प्रतिबंध हटा दिया है। लेकिन शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी वेतन श्रृंखला के अध्यापकों के स्थानांतरण पर अभी भी प्रतिबंध यथावत लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जरूरतमंद शिक्षकों के साथ बड़ा अन्याय है और सरकार को इस विषय में शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।

पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने भेजे गए ज्ञापन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए एक स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति बनाकर सभी ग्रेड के शिक्षकों के स्थानांतरण उसी के आधार पर किए जाएं।

उन्होंने कहा कि इस नीति में शिक्षकों से आवेदन मांगने, उनकी छंटनी करने और वरियता के आधार पर स्थानांतरण करने का प्रावधान किया जाए। साथ ही विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की सिफारिश पर अब तक किए जा रहे स्थानांतरणों को बंद किया जाए, क्योंकि इनका कोई स्पष्ट आधार नहीं होता।

नव पदोन्नत व्याख्याताओं को भी स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल करने की मांग

संघ ने यह भी मांग की है कि नव पदोन्नत व्याख्याता जिन्होंने कार्यग्रहण कर लिया है, उन्हें भी स्थानांतरण प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाए, क्योंकि इन्हें काउंसलिंग में पर्याप्त रिक्त पदों का अवसर नहीं दिया गया था।

भाजपा के घोषणा-पत्र के वादे का किया उल्लेख

प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री सोहन लाल गुप्ता ने बताया कि पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाने का भाजपा के घोषणा-पत्र में भी वादा किया गया था, परन्तु आज तक शिक्षा विभाग द्वारा कोई नीति जारी नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि बिना स्थानांतरण नीति और बिना स्थानांतरण कार्यक्रम जारी किए किए गए स्थानांतरणों में स्थानांतरण उद्योग पनपने की संभावना रहती है, जिससे योग्य शिक्षक वंचित रह जाते हैं।

निर्णय नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

संघ के प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीणा ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षकों में गहरा रोष व्याप्त होगा और संघ को लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

ज्ञापन की प्रतियां इन अधिकारियों को भी भेजी गईं

प्रदेश प्रवक्ता मुकेश कुमार मीणा के अनुसार ज्ञापन की प्रति शिक्षामंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा एवं निदेशक प्रारंभिक/माध्यमिक शिक्षा बीकानेर को भी भेजी गई है।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *