ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न विभागों की प्रगति जांची, ई-केवाईसी में लापरवाही पर जताई नाराजगी और स्कूल-श्मशान भूमि आवंटन के दिए निर्देश।
डीग। अमर दीप सेन। अवार ग्रामीण सेवा शिविर का गुरुवार को संभागीय आयुक्त भरतपुर एवं डीग की प्रभारी सचिव नलिनी कठोतिया ने औचक निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत अवार स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र में संचालित शिविर का निरीक्षण करते हुए उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए सभी काउंटरों का अवलोकन किया तथा लोक-कल्याणकारी योजनाओं के तहत अब तक हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि शिविर में ड्यूटी पर लगाए गए सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
दैनिक प्रगति रिपोर्ट का किया भौतिक सत्यापन
निरीक्षण के दौरान नलिनी कठोतिया ने शिविर की दैनिक प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के साथ उसका भौतिक सत्यापन भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों का निस्तारण हो चुका है अथवा जो प्रक्रियाधीन हैं लेकिन दैनिक रिपोर्ट में प्रदर्शित नहीं किए गए हैं, उन्हें तत्काल पोर्टल और विभागीय रिकॉर्ड में अपडेट किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी आंकड़े वास्तविक और पारदर्शी होने चाहिए ताकि योजनाओं की सही प्रगति सामने आ सके।
ई-केवाईसी में लापरवाही पर जताई नाराजगी
खाद्य सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान संभागीय आयुक्त ने ई-केवाईसी के लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से लंबित प्रकरणों के कारणों की जानकारी ली और उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक एवं प्रवर्तन अधिकारी के अनुपस्थित पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भविष्य में शिविर के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए।
स्कूल और श्मशान भूमि के लिए दिए महत्वपूर्ण निर्देश
ग्रामीण क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रभारी सचिव नलिनी कठोतिया ने राजस्व अधिकारियों को स्कूल और श्मशान भूमि के लिए पृथक-पृथक भूमि का आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों सार्वजनिक उपयोग की भूमि का स्पष्ट निर्धारण किया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
नए स्कूल भवन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़े भूमि एवं भवन संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा विभाग की भूमि एवं संरचनात्मक समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए नए भवन निर्माण का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर उच्च स्तर पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए और आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।
यह भी पढ़ें:

डीग, राजस्थान
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।