भारत विकास परिषद के शिविर में बच्चों ने देशभक्ति, गुरु परंपरा, संस्कार और सेवा भाव का लिया संकल्प।
भीलवाड़ा। बाल संस्कार शिविर के दूसरे दिन भारत विकास परिषद, महाराणा प्रताप शाखा द्वारा आयोजित पांच दिवसीय शिविर में बच्चों को भारतीय संस्कृति, अनुशासन, देशभक्ति और सेवा भाव के संस्कार प्रदान किए गए। आयोजन का उद्देश्य बचपन से ही बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास करना और उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वंदे मातरम् के साथ हुई। देशभक्ति के वातावरण में बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश ग्रहण किया। इसके बाद आयोजित द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगेश आचार्य एवं शाखा सदस्य सीए मुकेश नवाल ने बच्चों को सनातन परंपरा के अनुसार ध्वज प्रणाम की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पद्धति की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से इसका अभ्यास भी कराया।
गुरु परंपरा और भारतीय संस्कृति से कराया परिचय
शिविर के दौरान बच्चों ने पूरे अनुशासन के साथ संघ की प्रार्थना “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि” का अभ्यास किया। वक्ताओं ने उन्हें भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व समझाते हुए आगामी गुरु पूर्णिमा पर्व की महत्ता से भी अवगत कराया।
सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सत्र में शाखा सदस्या मधुबाला यादव ने बच्चों से “सर्वे भवन्तु सुखिनः” महामंत्र का सस्वर उच्चारण कराया। इसके बाद बच्चों ने उत्साहपूर्वक “गूंज उठी है हल्दी घाटी” तथा प्रेरणादायक गीत “एक कदम दुनिया से आगे लोग वही चलते हैं” का सामूहिक गायन किया, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।
खेलों के माध्यम से विकसित की टीम भावना
गीत-संगीत के बाद बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेल सत्र आयोजित किया गया। योगेश आचार्य, भव्य प्रताप सिंह यादव तथा मधुबाला यादव के निर्देशन में बच्चों को तीन अलग-अलग समूहों में विभाजित कर ज्ञानवर्धक और मनोरंजक खेल खिलाए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास किया गया।
मंदिर या गौशाला में सेवा कार्य के साथ जन्मदिन मनाने की प्रेरणा
शिविर के मुख्य वक्ता एवं भारत विकास परिषद के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बच्चों को अनुशासन, संस्कार और सेवा भावना का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जो बच्चे बचपन से ही माता-पिता, गुरुजनों और बड़ों का सम्मान करते हुए प्रतिदिन उनका आशीर्वाद लेते हैं, वे जीवन में सदैव प्रगति करते हैं।
उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण छोड़कर अपने जन्मदिन मंदिर या गौशाला में सेवा कार्य के साथ मनाने की परंपरा अपनाएं। उनके इस संदेश का बच्चों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया और सेवा भाव के साथ जन्मदिन मनाने की सहमति व्यक्त की।
125 बच्चों ने दर्ज कराई सहभागिता
शिविर के दूसरे दिन कुल 125 संभागियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस अवसर पर भगत सिंह शाखा के सचिव मुकेश छीपा एवं कोषाध्यक्ष सावन मालीवाल ने शिविर का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की सराहना की।
सत्र के समापन पर सभी बच्चों से सामूहिक “ॐ” का उच्चारण कराया गया तथा उन्हें उपहार वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान प्रेम नारायण मिश्रा, सतीश बोहरा, विजय भारती कपूर, उमा मिश्रा, निशा सैकड़ा, मोहिनी अग्रवाल, साधना गौतम, निर्मला नवाल, रेखा राठौड़, रंजना शर्मा, कृष्णा अग्रवाल सहित शाखा के अनेक सदस्य व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से जुटे रहे।
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Bhilwara, Rajasthan
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