रामेश्वरम भवन में दो रातों तक गरबा और भक्ति की धूम, संजय कॉलोनी महिला मंडल प्रथम, काशीपुरी-वकील कॉलोनी व चंद्रशेखर आजाद नगर संयुक्त रूप से द्वितीय
भीलवाड़ा। गरबा की थाप पर थिरकते कदम, भक्ति संगीत की मधुर धुनें और पारंपरिक परिधानों में सजी संस्कृति की झलक। रामेश्वरम भवन में दो दिनों तक माहेश्वरी समाज का उत्साह देखते ही बना। नगर माहेश्वरी महिला संस्थान के सानिध्य में आयोजित ‘भक्ति बीट्स, गरबा फीट्स-वन सेलिब्रेशन, टू मैजिकल नाइट्स’ महोत्सव का उत्साह और उल्लास के साथ समापन हुआ।
आरकेआरसी माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से आयोजित इस महोत्सव में महिलाओं, युवतियों, बच्चों और परिवारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, गरबा की लय और भक्ति संगीत ने पूरे परिसर को उत्सवी रंग में रंग दिया।
दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुआ शुभारंभ
नगर अध्यक्ष वीणा मोदी एवं आरकेआरसी अध्यक्ष पल्लवी लढा के नेतृत्व में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, गणेश वंदना, महेश वंदना और माताजी की आरती के साथ हुआ। इसके बाद प्रस्तुत स्वागत नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया।
आठ महिला क्षेत्रीय संगठनों की सहभागिता से गठित पांच टीमों ने पारंपरिक परिधानों में आकर्षक गरबा प्रस्तुतियां दीं। प्रतिभागियों के तालमेल, लय और ऊर्जा ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
संजय कॉलोनी माहेश्वरी महिला मंडल प्रथम
नगर सचिव विनीता तोषनीवाल और आरकेआरसी सचिव रंजना बिरला ने बताया कि गरबा प्रतियोगिता में पांचों टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे।
- प्रथम स्थान: संजय कॉलोनी माहेश्वरी महिला मंडल
- द्वितीय स्थान: काशीपुरी-वकील कॉलोनी एवं चंद्रशेखर आजाद नगर माहेश्वरी महिला मंडल संयुक्त रूप से
- तृतीय स्थान: बसंत विहार एवं पथिक नगर टीम
- चौथा स्थान: शास्त्रीनगर एवं तिलक नगर टीम
- पांचवां स्थान: भोपालगंज एवं सुभाषनगर टीम
प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं चौथे और पांचवें स्थान पर रही टीमों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
प्रतिभागियों को मिले विशेष उपहार और पुरस्कार
प्रत्येक टीम से उत्कृष्ट नृत्य और आकर्षक परिधान के लिए चुने गए दो-दो प्रतिभागियों को पूजा साड़ी की ओर से विशेष गिफ्ट वाउचर दिए गए। इससे प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ा।
बच्चों, युवतियों, महिलाओं और परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए किड्स, लेडीज एंड गर्ल्स, ओपन और फैमिली राउंड भी आयोजित किए गए। प्रत्येक वर्ग में बेस्ट डांस स्टेप्स, बेस्ट ड्रेसअप और बेस्ट ऑलराउंडर जैसी श्रेणियों में पांच-पांच पुरस्कार प्रदान किए गए।
सामूहिक गरबा प्रस्तुतियां आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहीं। पारंपरिक वेशभूषा और संगीत की लय पर थिरकते प्रतिभागियों ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।
समाज के गणमान्यजन रहे मौजूद
समारोह में अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के महामंत्री राजकुमार कालिया, पश्चिमांचल उपसभापति कैलाश कोठारी, प्रदेशाध्यक्ष राधेश्याम चेचानी, प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र बिरला, सुरेश कचोलिया, प्रदेश अध्यक्ष सीमा कोगटा, जिलाध्यक्ष अशोक बाहेती, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप बल्दवा, जिला उपाध्यक्ष केदार गगरानी, जिला मंत्री रमेश राठी, जिला कोषाध्यक्ष सुशील मरोठिया, राजेंद्र पोरवाल, केजी राठी, जिलाध्यक्ष भारती बाहेती, जिला सचिव निशा काकानी, नगर संरक्षक अतुल राठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रहलाद नुवाल, विनय माहेश्वरी, गोपाल नरानीवाल और प्रमोद डाड सहित समाज के कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
आयोजन की सफलता में सदस्यों का रहा योगदान
महोत्सव को सफल बनाने में योगेश लढा, नारायण लढा, लादूराम बांगड़, भेरूलाल काबरा, कमल सोनी, सुरेश तोषनीवाल, कमल एवं मुकेश मोदी, राधेश्याम सोमानी, नवीन काकानी, सचिन काबरा, प्रदीप लाठी, ओम ऋषि सोमानी, प्रदीप बल्दवा, नरेश गट्टानी, राजेश एवं संजय बाहेती, नवनीत अजमेरा और मुकेश जागेटिया सहित अनेक लोगों का सहयोग रहा।
महोत्सव की तैयारियों और व्यवस्थाओं में निशा सोनी, लीना कोठारी, नीलम दरगड़, चेतना बसेर, सुमित्रा भदादा, शशि अजमेरा, सुमन सोनी, अन्नू मोदी, अंजू सोमानी, वंदना नुवाल, चेतना जागेटिया, वंदना सोनी, साधना बाहेती, शोभा राठी, प्रिया राठी, मीना तोषनीवाल, स्नेहलता तोषनीवाल, सीमा बिरला, रेनू कोगटा, निर्मला बाहेती, शीतल अजमेरा, कल्पना सोमानी, राज राठी, कृष्णा लढा, सुरभि बिरला, शीतल माहेश्वरी, अनिता सोमानी, रेखा लढा, लाड़ देवी लढा, इंद्रा हेड़ा, चंद्रकांता गगरानी, सुनीता नरानीवाल, मीनू झंवर, प्रिया न्याती, सुमित्रा दरगड़, आशा दरगड़, रेनू समदानी, शिल्पा कास्ट, सरोज सोमानी, सविता माहेश्वरी, दीपशिखा शारदा, सुमन भंडारी, मधु बिरला, मितिका लढा, सुनीता काबरा, मोनिका चेचानी, रीना माहेश्वरी, राजकुमारी राठी, प्रीति काबरा और रेखा ईनाणी सहित अनेक सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सभी प्रभारी टीमों और कार्यकर्ताओं ने आपसी समन्वय, सहयोग एवं समर्पण के साथ व्यवस्थाएं संभालीं। महोत्सव ने भक्ति और पारंपरिक संस्कृति को मंच देने के साथ महिला सहभागिता, सामाजिक समरसता और सामूहिक एकजुटता का संदेश भी दिया। समाज की महिलाओं और परिवारों की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन यादगार बन गया।
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Bhilwara, Rajasthan
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