भीमताल में दूषित पानी से बीमारियों का खतरा, ब्लॉक प्रमुख ने जल स्रोतों का किया निरीक्षण


गेठिया, बेलुवाखान और ज्योलीकोट क्षेत्र में बीमारी बढ़ने पर पानी के सैंपल लिए गए, दूषित जल की समस्या दूर करने के निर्देश।

नैनीताल। भीमताल विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़ रही बीमारियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। गेठिया, बेलुवाखान, सरियाताल और ज्योलीकोट क्षेत्र में बीमारी फैलने की सूचना के बाद ब्लॉक प्रमुख ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल स्रोतों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान डायरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों के संभावित कारणों का पता लगाने के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी के सैंपल लिए गए। प्रशासनिक, स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों की संयुक्त टीम ने दुर्गापुर पावर हाउस और छीणा के आसपास स्थित प्रमुख जल स्रोतों का निरीक्षण किया।

जल स्रोतों में मिल रहा दूषित पानी

निरीक्षण के दौरान सामने आया कि क्षेत्र के जल स्रोतों में बरसात का गंदा और दूषित पानी पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि यही पानी पर्याप्त शुद्धिकरण के बिना घरों तक पहुंच रहा था, जिसके कारण लोगों के बीमार होने की स्थिति बनी हुई है।

अधिकारियों द्वारा पहले भी पानी की जांच की गई थी, जिसमें पानी दूषित पाया गया था, लेकिन इसके वास्तविक स्रोत का पता नहीं चल सका था। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जल स्रोतों और आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया।

जल संस्थान के अधिकारियों को लगाई फटकार

जल स्रोतों में दूषित पानी पहुंचने की स्थिति सामने आने पर ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद जल संस्थान के कर्मचारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक सुधार के निर्देश देते हुए मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिए कि जल स्रोतों की स्थिति की गंभीरता से जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीणों तक किसी भी स्थिति में दूषित पेयजल न पहुंचे।

सीवर रिसाव की आशंका की भी होगी जांच

ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कहीं सीवर या गंदे पानी का रिसाव जल स्रोतों में तो नहीं हो रहा है। ब्लॉक प्रमुख ने इस आशंका को भी जांच के दायरे में शामिल करते हुए जल स्रोतों के सैंपल की जांच कराने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाकर उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश

डॉ. बिष्ट ने जल संस्थान को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को बीमारी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यक स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और समस्या का शीघ्र समाधान करें।

स्वास्थ्य और जल संस्थान की टीम रही मौजूद

संयुक्त निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग से डॉ. हेमंत मर्तोलिया, डॉ. पल्लवी, डॉ. मोहन, नंदन कांडपाल, पीआरपी शकुंतला नेगी और प्रियंका मौजूद रहीं।

वहीं जल संस्थान की ओर से सहायक अभियंता मोहन सिंह रावत एवं अपर सहायक अभियंता रवींद्र पाठक उपस्थित रहे। टीम ने जल स्रोतों की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सैंपल लिए और आगे की जांच प्रक्रिया शुरू की।

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