न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बाल अधिकार, सुरक्षित व्यवहार और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए किया जागरूक।
डीग। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के अध्यक्ष जिला एवं सेशन न्यायाधीश हेमराज गौड़ के निर्देशानुसार मंगलवार को डीग न्याय क्षेत्र के चिन्हित सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, POCSO एक्ट, बाल अधिकारों और बाल शोषण से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।
“शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो। अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्श: फर्क समझो, सुरक्षित रहो” विषय पर आयोजित इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों एवं लीगल डिफेंस काउंसिल के सदस्यों ने विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को सरल भाषा में महत्वपूर्ण कानूनी एवं सुरक्षा संबंधी जानकारी दी।
विद्यार्थियों को समझाया गुड टच और बैड टच का अंतर
शिविरों के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच का अंतर समझाया। विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार उन्हें असहज या अनुचित महसूस कराता है तो उन्हें डरने या चुप रहने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
अधिकारियों ने कहा कि अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना और किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना बच्चों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
POCSO एक्ट और बाल अधिकारों की दी जानकारी
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को POCSO अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों तथा बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी गई। साथ ही बाल शोषण से बचाव के उपायों और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, डराने-धमकाने या अनुचित व्यवहार को छिपाना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी भरोसेमंद वयस्क या संबंधित प्राधिकारी से सहायता लेनी चाहिए।
इन विद्यालयों में पहुंचे न्यायिक अधिकारी
राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सामई डीग में जिला एवं सेशन न्यायाधीश हेमराज गौड़, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम किशन शर्मा तथा डिप्टी चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल राजेंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों को जागरूक किया।
कृष्ण कुंज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती सरोज मीणा तथा चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार शर्मा ने बच्चों को आवश्यक जानकारी दी।
इसी प्रकार आदर्श सेकेंडरी विद्या मंदिर स्कूल, डीग में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेनू सकीत, जबकि किरन कन्वेंट स्कूल, डीग में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नमो नारायण मीणा ने विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा एवं कानूनी अधिकारों के बारे में बताया।
भावना आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेढ़म में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती भाविका कुलहरि तथा राजकीय ए.डी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेढ़म में प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड सुश्री कुसुम मीणा ने जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का दिया संदेश
न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा परिवार, विद्यालय और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना भय के आवाज उठानी चाहिए।
अधिकारियों ने बच्चों को सुरक्षा से संबंधित आवश्यक हेल्पलाइन एवं कानूनी सहायता के माध्यमों की जानकारी देते हुए कहा कि कानून बच्चों को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करने के लिए प्रभावी प्रावधान उपलब्ध कराता है।
कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने का संदेश दिया गया।
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डीग, राजस्थान
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