महिला बाल विकास कार्यालय डीग में विधिक जागरूकता शिविर, महिलाओं को बताए कानूनी अधिकार


महिला बाल विकास कार्यालय में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में महिलाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।

 डीग।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महिला बाल विकास कार्यालय डीग में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। यह शिविर माननीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री हेमराज गौड़ के निर्देशानुसार 14 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम किशन शर्मा ने की। इस अवसर पर लीगल डिफेंस काउंसिल के चीफ विनोद कुमार शर्मा एवं डिप्टी चीफ राजेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे।

महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग

शिविर में मुख्य रूप से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा क्षेत्र की अन्य महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक और सशक्त बनाना था।

सशक्त समाज के लिए महिलाओं का जागरूक होना आवश्यक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम किशन शर्मा ने कहा कि महिलाएं समाज की रीढ़ हैं और जब तक वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होंगी, तब तक एक सशक्त समाज की परिकल्पना संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं से कानून की जानकारी प्राप्त कर उसका लाभ उठाने का आह्वान किया।

इन महत्वपूर्ण कानूनों की दी जानकारी

शिविर के दौरान महिलाओं से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, इसके तहत मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, भरण-पोषण के अधिकार, लैंगिक समानता से जुड़े कानून तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजना प्रमुख रूप से शामिल रहे।

सचिव ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से न्यायालय में पैरवी के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के न्याय प्राप्त कर सकें।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से की विशेष अपील

राम किशन शर्मा ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को समाज की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनसे अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शोषित, पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं की पहचान कर उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता होने पर पीड़ित महिलाएं सीधे प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने भी महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने का आग्रह किया।

यह भी पढ़ें :


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *