डीग में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित


10 अक्टूबर की राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा मामलों के राजीनामे से त्वरित निस्तारण पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दिया जोर

डीग। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा), जयपुर के निर्देशानुसार आगामी 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

जिला एवं सत्र न्यायालय, डीग के कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई बैठक में मोटर वाहन दुर्घटना दावा (MACT) और बीमा संबंधी प्रकरणों को राजीनामे के माध्यम से त्वरित एवं अधिकतम संख्या में निस्तारित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

मोटर दुर्घटना दावा मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर

बैठक में डीग न्याय क्षेत्र के क्लेमेन्ट (दावाकर्ता) पक्ष के अधिवक्ताओं और विभिन्न बीमा कंपनियों के पैनल अधिवक्ताओं ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया।

प्रकरणों में क्लेम राशि और शर्तों पर मौके पर ही सहमति बनाने के उद्देश्य से संबंधित बीमा कंपनियों के उच्चाधिकारियों तथा अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जोड़ा गया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मोटर दुर्घटना दावा एवं बीमा मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कर पीड़ित पक्षों को जल्द राहत उपलब्ध कराना रहा।

प्री-सिटिंग के जरिए मामलों को सुलझाने का आह्वान

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम किशन शर्मा ने अधिवक्ताओं एवं बीमा प्रतिनिधियों से लंबित मामलों को चिन्हित कर प्री-सिटिंग के माध्यम से आपसी सहमति से सुलझाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि मामलों के पूर्व-समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाकर पीड़ितों को बिना विलंब सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा सकता है। बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं अधिकारियों ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

न्यायिक अधिकारी और अधिवक्तागण रहे मौजूद

बैठक में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सरोज मीना, पूर्णकालिक सचिव राम किशन शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेनू सकीत, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नमो नारायण मीना तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट भाविका कुलहरी उपस्थित रहीं।

इसके अलावा अधिवक्ता रमाकान्त शर्मा, कोशलेन्द्र सिंह इन्दोलिया, शंकरपाल सिंह, मनोज खण्डेलवाल, ओमप्रकाश अटोरिया, गोपाल परमार, राजेश खण्डेलवाल, विजय गोयल, एस.पी. कटारा, अनिल गुप्ता और हरीकृष्ण शर्मा मौजूद रहे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े न्यायिक अधिकारी

वीसी के माध्यम से अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. मनोज तिवारी (कामां), निखिल सिंह (बृजनगर), मनोज कुमार निमोरिया (कुम्हेर) तथा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार (सीकरी) और नीलोफर तोमर (कामां) बैठक से जुड़े।

बीमा कंपनियों के अधिकारियों ने भी लिया हिस्सा

बीमा कंपनियों के मंडलीय मुख्यालय अलवर से टी.पी. हब के डिवीजनल मैनेजर संजय कुमार गुप्ता (यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस), राजकुमार मीणा (न्यू इंडिया एश्योरेंस), सीनियर डिवीजनल मैनेजर कल्पना आर्य (नेशनल इंश्योरेंस) एवं डिप्टी मैनेजर अजय यादव (ओरिएण्टल इंश्योरेंस) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

बैठक में आगामी 10 अक्टूबर की राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित मोटर दुर्घटना दावा एवं बीमा मामलों के अधिकतम निस्तारण के लिए न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और बीमा कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।

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