रिकॉर्डधारी कथक नृत्यांगना दिव्यांशा सोमानी का सम्मान, मारवाड़ी महिला समिति ने बढ़ाया उत्साह


इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने वाली दिव्यांशा सोमानी का मेवाड़ी पगड़ी, अभिनंदन पत्र और स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मान।

भीलवाड़ा। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कर जिले का गौरव बढ़ाने वाली रिकॉर्डधारी कथक नृत्यांगना दिव्यांशा सोमानी का अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति की ओर से भव्य अभिनंदन किया गया। समिति की अध्यक्ष मधु लढ़ा एवं महिला जागरूकता प्रभारी जतन हिंगड़ के नेतृत्व में आयोजित सम्मान समारोह में दिव्यांशा को मेवाड़ी पगड़ी, उपरना, स्मृति चिन्ह एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।

समारोह में समिति की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने तिलक लगाकर दिव्यांशा का स्वागत किया। उपस्थित वक्ताओं ने उनकी उपलब्धि को भीलवाड़ा एवं मारवाड़ी समाज के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि उनकी सफलता युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय कलाओं से जुड़ने की प्रेरणा देती है।

कथक को नई पहचान दिला रही हैं दिव्यांशा

समिति अध्यक्ष मधु लढ़ा ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दिव्यांशा सोमानी ने कथक जैसी प्राचीन कला को अपने समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनकी उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

समिति की अन्य पदाधिकारियों ने भी कहा कि दिव्यांशा ने अपनी मेहनत, लगन और साधना के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। यह उपलब्धि उनके परिवार के साथ-साथ पूरे भीलवाड़ा जिले के लिए गर्व की बात है।

सम्मान से मिली नई प्रेरणा

सम्मान ग्रहण करते हुए दिव्यांशा सोमानी ने अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने तथा भारतीय संस्कृति एवं कथक कला को नई पहचान दिलाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और शुभचिंतकों को दिया।

4.22 सेकंड में प्रस्तुत किए कथक के नौ नवरस

उल्लेखनीय है कि भूपालगंज निवासी दिव्यांशा सोमानी ने कथक नृत्य के नौ नवरस—श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, बीभत्स, अद्भुत एवं शांत रस को मात्र 4.22 सेकंड में प्रस्तुत कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। उनकी इस उपलब्धि को 14 मई 2026 को आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया गया।

परिजनों और पदाधिकारियों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष उषा सोनी, उपाध्यक्ष स्नेहलता पटवारी, सुमित्रा झंवर सहित समिति की अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर दिव्यांशा के पिता राम अवतार सोमानी, माता सविता सोमानी, दादा सुरेश एवं दिनेश, दादी तारा देवी एवं शांता देवी, भाई प्रखर, चाचा श्याम एवं चाची पूनम सहित परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

समारोह के अंत में उपस्थित महिलाओं ने दिव्यांशा की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर सफलता की कामना की।

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