बाबा रामदेव मंदिर परिसर में संत रविदास और डॉ. भीमराव अंबेडकर को किया नमन, समाज को शिक्षित और संगठित बनाने पर दिया जोर
गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी में रैगर समाज की ओर से 2 नवंबर को रैगर एकता दिवस उत्साह और सामाजिक एकजुटता के संदेश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बाबा रामदेव जी मंदिर प्रांगण में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रपट पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित करके की गई। उपस्थित लोगों ने दोनों महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक याद किया।
अभिषेक सोनवाल रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में अभिषेक सोनवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं पवन सोनवाल और राजेश फुलवारिया विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छगन सोनवाल ने की।
इस दौरान समाज के लोगों ने रैगर एकता दिवस के ऐतिहासिक महत्व और समाज को संगठित करने की आवश्यकता पर विचार रखे।
2 नवंबर 1944 को हुआ था प्रथम रैगर महासम्मेलन
विशिष्ट अतिथि राजेश फुलवारिया ने रैगर एकता दिवस के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि 2 नवंबर 1944 को दिल्ली में स्वामी आत्माराम लक्ष्य ने प्रथम रैगर महासम्मेलन का आयोजन किया था। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में समाज की ओर से प्रत्येक वर्ष 2 नवंबर को रैगर एकता दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने इस दिवस को समाज की एकता, जागरूकता और सामाजिक पहचान से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया।
समाज को शिक्षित और सशक्त बनाने पर दिया जोर
मुख्य अतिथि अभिषेक सोनवाल ने कहा कि रैगर दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज को एकजुट करना और शिक्षित बनाना है। इसके साथ ही वैज्ञानिक सोच और राजनीतिक दृष्टि से सशक्त समाज का निर्माण करना भी इस दिवस का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
उन्होंने समाज के लोगों से एकता बनाए रखने और शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया।
समाज के अनेक लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में खेमचंद अटावदिया, रामप्रसाद टोलिया, देशराज सोनवाल, विनोद सोनवाल, कुनाल सोनवाल, हरिशंकर, सूरज अटावदिया, गणेश अटावदिया, कपिल, हरीश सोनवाल, योगेश सोनवाल सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से समाज में आपसी भाईचारे, एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया गया।
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Gangapur City, Rajasthan
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