गोचर भूमि विवाद पर विधायक बैरवा का पलटवार, बोले- साजिश बेनकाब होगी


शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा, जनता जल्द सच्चाई जान जाएगी।

शाहपुरा। गोचर भूमि विवाद को लेकर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भीलवाड़ा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक बैरवा ने अपने और अपने परिवार पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया।

विधायक ने कहा कि उनकी बढ़ती राजनीतिक स्वीकार्यता और जनता के बीच बढ़ते समर्थन से परेशान होकर विरोधियों ने उनकी छवि धूमिल करने की सुनियोजित कोशिश की है। उन्होंने कहा कि सच्चाई को लंबे समय तक छिपाया नहीं जा सकता और समय आने पर पूरा मामला जनता के सामने स्पष्ट हो जाएगा।

गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का किया समर्थन

विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि गोचर भूमि सहित सरकारी जमीनों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की जो कार्रवाई की जा रही है, उसमें उन्होंने हमेशा सहयोग किया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि, विशेषकर गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन के अभियान में उन्होंने किसी भी स्तर पर बाधा उत्पन्न नहीं की, बल्कि अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का समर्थन किया है।

विधायक ने कहा कि ऐसे में उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास मात्र हैं।

विपक्ष पर साधा निशाना, बोले- पहले अपने गिरेबान में झांकें

पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक बैरवा ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए विपक्षी नेताओं को पहले अपने गिरेबान में झांकने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि जो लोग आज नैतिकता और कानून की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देना चाहिए। विधायक ने कहा कि विपक्ष के एक प्रमुख नेता के मकान को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा अवैध माना जा चुका है और वह व्यक्ति वर्तमान में हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के आधार पर उस भवन पर काबिज है।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों द्वारा दूसरों पर आरोप लगाने से पहले जनता सब कुछ देख और समझ रही है।

जनता करेगी दूध का दूध और पानी का पानी: बैरवा

विधायक बैरवा ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगाना और भ्रम फैलाना विपक्ष की पुरानी रणनीति रही है। हालांकि अब जनता ऐसे राजनीतिक हथकंडों को पहचान चुकी है।

उन्होंने विश्वास जताया कि समय आने पर सच्चाई सामने आएगी और जनता दूध का दूध तथा पानी का पानी कर देगी।

विवाद के बाद पहली बार विधायक ने रखी अपनी बात

गौरतलब है कि पिछले दिनों शाहपुरा क्षेत्र में गोचर भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विवाद सामने आया था। इसके बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया। इस पूरे घटनाक्रम में विधायक डॉ. लालाराम बैरवा और उनके परिवार का नाम सामने आने के बाद विपक्ष ने कई आरोप लगाए थे।

आरोप-प्रत्यारोप के बीच क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई थीं और विभिन्न स्तरों पर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया था। इसी बीच विधायक बैरवा ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते हुए सभी आरोपों को खारिज किया और इसे राजनीतिक साजिश बताया।

कानून और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

विधायक बैरवा ने कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन जनहित और कानून के सम्मान के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और अवैध कब्जों के खिलाफ आवाज उठाई है।

उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण पाया जाता है तो वे प्रशासन के साथ मिलकर उसे हटाने की कार्रवाई का समर्थन करते रहेंगे। कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने का अधिकार नहीं है।

व्यक्तिगत आरोपों से नहीं होंगे विचलित

विधायक ने कहा कि उनके विरोधियों के पास जनहित से जुड़े मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वे व्यक्तिगत आरोपों के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता हर बात को समझ रही है और सही समय पर अपना जवाब देगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर झूठे आरोप लगाकर किसी की छवि खराब करने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

उन्होंने दोहराया कि ऐसे प्रयासों से वे न तो विचलित होंगे और न ही अपने जनसेवा के संकल्प से पीछे हटेंगे। विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों को लेकर उनकी प्राथमिकता पहले भी रही है और आगे भी जारी रहेगी।

शाहपुरा में जारी है राजनीतिक हलचल

गोचर भूमि विवाद को लेकर शाहपुरा की राजनीति फिलहाल गर्म बनी हुई है। एक ओर विपक्ष लगातार विधायक पर हमलावर है, वहीं दूसरी ओर विधायक बैरवा ने भी आरोपों का जवाब देना शुरू कर दिया है।

विधायक का कहना है कि वे कानून का पूरा सम्मान करते हैं और प्रशासन के साथ मिलकर सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान में सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे किसी भी साजिश या झूठे प्रचार से डरने वाले नहीं हैं।

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