भीलवाड़ा प्रसूता मौत मामले में खींवसर बोले- जांच रिपोर्ट होगी सार्वजनिक


चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने एमजी अस्पताल का निरीक्षण कर जांच, स्वास्थ्य व्यवस्था और अभियान की जानकारी दी।

भीलवाड़ा । भीलवाड़ा प्रसूता मौत मामले को लेकर राज्य सरकार ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को महात्मा गांधी चिकित्सालय, भीलवाड़ा का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की जड़ तक पहुंचेगी और जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।

चिकित्सा मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या जिम्मेदारी तय होने जैसी स्थिति सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।

मंत्री ने आईसीयू और मातृ-शिशु इकाई का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने महात्मा गांधी चिकित्सालय के मेडिकल आईसीयू, गायनिक ऑपरेशन थिएटर, मातृ एवं शिशु इकाई सहित विभिन्न वार्डों का जायजा लिया।

उन्होंने आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही दिवंगत प्रसूताओं के नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके बाद चिकित्सा मंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेषज्ञ चिकित्सकों, जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली गई।

ऑपरेशन थिएटर और चिकित्सकीय रिकॉर्ड की हो रही जांच

बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि अस्पताल प्रशासन से मामले से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और रिकॉर्ड मांगे गए हैं। इनमें ऑपरेशन थिएटर कब बंद किया गया, माइक्रोबायोलॉजिकल कल्चर कब लिया गया, वैकल्पिक ऑपरेशन थिएटर में प्रसव हुए या नहीं तथा अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं से संबंधित सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जयपुर सहित राज्य के वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें भी मामले की जांच कर चुकी हैं। जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए 15 जुलाई से विशेष अभियान

चिकित्सा मंत्री खींवसर ने प्रदेशभर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 15 जुलाई से पांच दिवसीय विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सभी गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य मानकों के अनुसार सघन स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखा जाएगा तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

अधिकारियों को इस अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने और नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले से जुड़े तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।

उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा, पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी, भीलवाड़ा जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.एस. जोधा, डॉ. निर्मला शर्मा, एएसएच निदेशक डॉ. मधु, परियोजना निदेशक (मातृ स्वास्थ्य) डॉ. तरुण चौधरी, आरवीआरएस मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य, महात्मा गांधी चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक, सीएमएचओ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अस्पताल प्रशासन ने मौतों को लेकर दी जानकारी

अस्पताल प्रशासन ने बैठक में बताया कि महात्मा गांधी चिकित्सालय में चार प्रसूताओं की मृत्यु हुई थी। समाचारों में शामिल पांच महिलाओं में से एक महिला प्रसूता नहीं थी। वह बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए भर्ती थीं और उनकी मृत्यु हृदयाघात के कारण हुई।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार एक अन्य महिला का अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हुआ था। उन्हें गंभीर स्थिति में रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान हाइपोवोलेमिक शॉक से उनका निधन हुआ।

वहीं शेष तीन प्रसूताओं की मृत्यु गंभीर चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण हुई। इनमें पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म, एचईएलपी सिंड्रोम तथा प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव (पीपीएच) और डीआईसी जैसी स्थितियां शामिल थीं।

ऑपरेशन थिएटर-1 में हुए थे सभी सिजेरियन ऑपरेशन

अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी सिजेरियन ऑपरेशन ऑपरेशन थिएटर-1 में किए गए थे। जांच में वहां किसी प्रकार के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं ऑपरेशन थिएटर-2 को 30 जून 2026 से माइक्रोबायोलॉजिकल कल्चर पॉजिटिव आने के बाद बंद रखा गया था और उसमें किसी प्रकार का ऑपरेशन नहीं किया गया।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में चिकित्सालय में 22 स्टरलाइज्ड ऑपरेशन सेट उपलब्ध हैं। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर 10 अतिरिक्त ऑपरेशन सेट भी उपयोग के लिए तैयार हैं।

अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 15 से 20 सिजेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *