एटीएम से तुरंत रुपे कार्ड, यूपीआई से क्रेडिट और आधार से दूसरे खाते में नकद जमा की सुविधा से बैंकिंग होगी आसान
भीलवाड़ा। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट-2026 में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी कई अहम पहलों की शुरुआत की गई। बैंकिंग सुविधाओं को शाखाओं की चारदीवारी से बाहर निकालकर सीधे आमजन तक पहुंचाने की दिशा में केंद्र सरकार ने डिजिटल बैंकिंग के क्षेत्र में नए नवाचार शुरू किए हैं।
कार्यक्रम में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने इन नवाचारों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरभ विजय भी मौजूद रहे।
अब एटीएम से तुरंत मिलेगा रुपे कार्ड
नई व्यवस्था के तहत एटीएम अब केवल नकदी निकालने की मशीन नहीं रहेंगे। इन्हें कार्ड जारी करने, यूपीआई भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
ओपन-सोर्स एंड्रॉयड आधारित एटीएम के जरिए ग्राहक सेल्फ-सर्विस प्रक्रिया से तत्काल रुपे डेबिट, क्रेडिट और एनसीएमसी कार्ड प्राप्त कर सकेंगे। इससे ग्राहकों को कार्ड की कूरियर से डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही इसके लिए बैंक शाखा जाने की जरूरत होगी।
इसके अलावा यही मशीनें व्यापारियों के लिए यूपीआई क्यूआर कोड भी जारी करेंगी। इसके साथ ही चेक जमा करने, खाता खोलने और ऋण के लिए आवेदन जैसी बैंकिंग सेवाएं भी इन मशीनों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
इस पहल का उद्देश्य एटीएम को महज नकदी लेन-देन तक सीमित रखने के बजाय स्मार्ट बैंकिंग सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है। बैंकों द्वारा इन एटीएम को डिजिटल बैंकिंग यूनिट के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाएं भी तलाश की जा रही हैं।
ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में बढ़ेगी पहुंच
नई व्यवस्था से अर्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में कई जगह पारंपरिक बैंक शाखाओं का नेटवर्क सीमित है। ऐसे में डिजिटल बैंकिंग आधारित एटीएम आमजन को बैंकिंग सेवाओं के और करीब ला सकते हैं।
इन मशीनों को मेट्रो स्टेशन, ट्रांजिट हब, एयरपोर्ट, शैक्षणिक परिसरों और कॉर्पोरेट पार्कों जैसे स्थानों पर भी लगाया जा सकता है। इससे यात्रियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को मौके पर ही कार्ड जारी कराने जैसी बैंकिंग सुविधाएं मिल सकेंगी।
भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक समेत नौ बैंक इस समाधान की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
केसीसी और मुद्रा योजना को यूपीआई से जोड़ने की पहल
वित्तीय समावेशन की दूसरी बड़ी पहल के तहत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के पात्र लाभार्थी अपनी स्वीकृत क्रेडिट सीमा का उपयोग यूपीआई के जरिए व्यापारियों को भुगतान करने में कर सकेंगे।
आरबीआई ने सितंबर 2023 में ‘यूपीआई पर क्रेडिट लाइन’ की सुविधा शुरू करने का रास्ता साफ किया था। अब इस सुविधा को प्रमुख सरकारी ऋण योजनाओं से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
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Bhilwara, Rajasthan
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