अच्छी सड़कें ही हैं आर्थिक उन्नति की आधारशिला, यूपी की बदहाल व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
प्रयागराज।राजदेव द्विवेदी। किसी भी प्रदेश के विकास की तस्वीर उसकी सड़क व्यवस्था से झलकती है। सड़कें केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि किसी भी क्षेत्र की जीवनरेखा होती हैं। हालाँकि, आज उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सड़कों की हालत बहुत खराब है। यदि सड़कें जर्जर होंगी, तो तमाम विकास योजनाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगी।
बदहाल सड़कों से रुका विकास का पहिया
राष्ट्रीय राजमार्ग भले ही चमचमाते नजर आते हों, लेकिन गांवों को जोड़ने वाली सड़कें बदहाल हैं। कहीं सड़कें उखड़ी हुई हैं, तो कहीं पुलिया टूटी पड़ी है। साथ ही, बारिश में जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। यह स्थिति न केवल आम नागरिकों के लिए परेशानी है, बल्कि आर्थिक रफ्तार को भी थाम रही है।
किसानों और व्यापारियों पर सीधा असर
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सड़कों की दुर्दशा से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। फसल को खेत से मंडी तक समय पर पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसलिए, समय पर सामान न पहुंचने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा, खराब परिवहन व्यवस्था के कारण छोटे उद्योगों का विकास भी रुक गया है।
नारकीय जीवन जीने को मजबूर आम जनता
शहरों और बाजारों की स्थिति भी काफी चिंताजनक बनी हुई है। सड़क किनारे फैला कचरा और नाली का पानी लोगों का जीना दूभर कर रहे हैं। हालाँकि, लोग बरसों से मरम्मत की मांग कर रहे हैं। परंतु, जिम्मेदार विभाग केवल कोरे आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
सरकार से सुधार की अपेक्षाएं
केवल नई सड़कें बना देना ही विकास के लिए पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना होगा:
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गुणवत्ता की निगरानी: निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग पर सख्त कार्रवाई हो।
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नियमित मरम्मत: समय-समय पर सड़कों की देखभाल करना अनिवार्य किया जाए।
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बेहतर समन्वय: पंचायत, नगर निकाय और लोक निर्माण विभाग मिलकर काम करें।
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पारदर्शिता: सड़क निर्माण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
निष्कर्ष यह है कि जब गांव की सड़क सुरक्षित होगी, तभी वास्तविक विकास दिखेगा। विद्यार्थी समय पर स्कूल पहुंच सकेंगे और मरीज बिना बाधा अस्पताल पहुंच पाएंगे। उत्तर प्रदेश की जनता अब केवल खोखली घोषणाएं नहीं चाहती है। अतः, सरकार को सड़क व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनानी ही होगी।
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2008 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2008 से 2019 तक सर्वोदय वार्ता, सर्वोदय वार्ता मैगजीन में। 2020 से 2021 तक इंडियन लाइव टीवी में । 2021 से 2023 तक दैनिक समाचार पत्र पूर्वांचल स्वर प्रयागराज में। 2023 से 2024 तक दैनिक समाचार पत्र लक्ष्मण नगर जंक्शन में। 2024 से अब तक लगातार दैनिक समाचार पत्र लक्ष्य सामग्र में। 2021 से अब तक आवाज आपकी न्यूज़ पोर्टल में पत्रकार हैं।