किसान मॉल भ्रमण में बच्चों ने सीखी फल-सब्जियों की पहचान और खेती का महत्व


एसएमपीएस प्राइमरी विंग के नन्हे विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण में जाना पोषण, कृषि और किसानों के योगदान का महत्व

भीलवाड़ा | किसान मॉल में शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों ने फल-सब्जियों की पहचान करने के साथ-साथ खेती और पोषण के महत्व को समझा। श्री महेश सेवा समिति द्वारा संचालित श्री महेश पब्लिक स्कूल (एसएमपीएस) प्राइमरी विंग के प्ले ग्रुप से यूकेजी तक के विद्यार्थियों को शुक्रवार को शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत किसान मॉल ले जाया गया।

इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को विभिन्न प्रकार के फलों एवं सब्जियों की पहचान कराना, उनके पोषण संबंधी महत्व की जानकारी देना तथा उन्हें खेती, प्रकृति और अन्नदाता किसानों के प्रति जागरूक बनाना था।

बच्चों ने फल-सब्जियों और ग्रोसरी अनुभाग का किया अवलोकन

भ्रमण के दौरान नन्हे विद्यार्थियों ने किसान मॉल में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के ताजे फल, हरी सब्जियों और ग्रोसरी अनुभाग का उत्साहपूर्वक अवलोकन किया। शिक्षकों ने बच्चों को फल और सब्जियों के नाम, उनके रंग, आकार, उपयोगिता तथा स्वास्थ्य के लिए उनके महत्व के बारे में सरल और रोचक तरीके से जानकारी दी।

बच्चों को बताया गया कि अलग-अलग फल एवं सब्जियां हमारे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती हैं और स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार कितना जरूरी है।

किसानों की मेहनत और खेती की प्रक्रिया को समझा

शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई कि किसान किस प्रकार मेहनत और लगन से खेतों में फल एवं सब्जियों का उत्पादन करते हैं। बच्चों को समझाया गया कि खेतों से निकलने वाली उपज किस तरह विभिन्न माध्यमों से हमारी थाली तक पहुंचती है।

इस दौरान विद्यार्थियों ने खेती से जुड़ी कई नई जानकारियां प्राप्त कीं और किसानों के परिश्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित की।

ऐसे अनुभव बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सहायक: ओमप्रकाश नराणीवाल

श्री महेश सेवा समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश नराणीवाल ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक अनुभव बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में प्रकृति, कृषि और अन्नदाता के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।

उन्होंने बताया कि बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना आवश्यक है, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और समझ का विस्तार होता है।

प्रारंभिक अवस्था से कृषि और प्रकृति से जुड़ना जरूरी: राजेन्द्र कचोलिया

समिति के सचिव राजेन्द्र कचोलिया ने कहा कि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही कृषि और प्रकृति से जोड़ना आवश्यक है। किसान मॉल का यह भ्रमण बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई चीजें सीखने का अवसर प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में व्यवहारिक ज्ञान और आसपास की चीजों को समझने की क्षमता विकसित करने में सहायक होते हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने शैक्षणिक भ्रमण को बताया उपयोगी

समिति के कोषाध्यक्ष राजेश बाहेती, निदेशक एवं विद्यालय प्रभारी दिनेश शारदा तथा विद्यालय प्राचार्या निधि झा भार्गव ने भी इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए आवश्यक बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के व्यावहारिक ज्ञान, अवलोकन क्षमता और आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कक्षा के बाहर मिलने वाला अनुभव बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाता है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विद्यालय परिवार की ओर से किसान मॉल प्रबंधन एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने उत्साहपूर्वक भ्रमण में भाग लिया और कई नई जानकारियां प्राप्त कीं।

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