नदबई विधायक जगत सिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने ब्रज भाषा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग की है। साथ ही, शिक्षा में भी इसे उचित स्थान देने का आग्रह किया है।
भाषा के संरक्षण पर जोर
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विधायक ने बताया कि राजस्थानी भाषा को लेकर न्यायालय के निर्देश स्वागतयोग्य हैं।
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हालाँकि, भरतपुर और डीग जैसे पूर्वी क्षेत्रों में ब्रज भाषा की अपनी एक अलग पहचान है।
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इसीलिए, इसे राजस्थानी से अलग एक स्वतंत्र भाषा के रूप में देखा जाना चाहिए।
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चूँकि यह सूरदास और रसखान की भाषा है, इसका साहित्यिक इतिहास काफी गौरवशाली रहा है।
छात्रों के लिए महत्व
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अध्ययन के दौरान स्थानीय भाषा बच्चों की समझ को अधिक गहरा बनाती है।
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अतः ब्रज क्षेत्र के विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में पढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
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इसके अतिरिक्त, यह कदम हमारी लोकसंस्कृति और परंपराओं को मजबूती प्रदान करेगा।
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तत्पश्चात, सरकार को इस दिशा में ठोस और सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
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Bharatpur, Rajasthan