मूसलाधार बारिश के बाद झील में पहुंचा कूड़ा-कचरा निकाला, पर्यटकों और आमजन से झील व नालियों में कचरा नहीं डालने की अपील।
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण शहर का कूड़ा-कचरा नालियों के माध्यम से नैनी झील में पहुंच गया। बारिश का दौर कुछ हल्का होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने झील की स्वच्छता को लेकर विशेष सफाई अभियान चलाया और झील से बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा बाहर निकाला।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने झील में उतरकर जगह-जगह जमा कूड़ा-कचरा एकत्र किया। इसके बाद एकत्रित कचरे को यूटिलिटी वाहन के माध्यम से शहर से बाहर भिजवाया गया। अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोगों को नैनी झील की स्वच्छता और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर की झील की सफाई
विशेष सफाई अभियान में प्रोफेसर रितेश साह, यशपाल सिंह रावत, धीरज बिष्ट, संजय घिल्डियाल, आनंद बिष्ट, सिद्धि, आशीष मेहता सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता निभाई।
कार्यकर्ताओं ने झील में जमा प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा एवं अन्य अपशिष्ट को एकत्र कर बाहर निकाला। उनका कहना है कि लगातार बारिश के दौरान नालियों के जरिए शहर का कचरा झील तक पहुंचने से जलस्रोत की स्वच्छता प्रभावित होती है। ऐसे में समय-समय पर झील की सफाई जरूरी है।
नैनी झील में कचरा नहीं डालने की अपील
सफाई अभियान के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आमजन और पर्यटकों से नैनी झील को स्वच्छ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि झील में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य अपशिष्ट नहीं डालने चाहिए।
उन्होंने लोगों से नालियों में भी कचरा नहीं फेंकने का आग्रह किया, क्योंकि बारिश के दौरान यही कचरा बहकर झील तक पहुंच सकता है। झील और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और पर्यटक की भी जिम्मेदारी है।
नैनी झील का पानी पेयजल के रूप में होता है उपयोग
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि नैनी झील के पानी को छानने और विभिन्न मशीनों के माध्यम से फिल्टर करने के बाद आमजन पेयजल के रूप में उपयोग करते हैं। इसके अलावा नैनीताल में आने वाले पर्यटक तथा होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे में ठहरने वाले लोग भी इसी जल का उपयोग करते हैं।
ऐसे में झील की स्वच्छता और जल की गुणवत्ता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। झील में कचरा पहुंचने से पर्यावरण के साथ-साथ जल स्रोत की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
झील संरक्षण में सहयोग का आह्वान
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि नैनी झील नैनीताल की पहचान होने के साथ-साथ क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत भी है। इसलिए इसके संरक्षण और स्वच्छता के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने आमजन और पर्यटकों से अपील की कि वे झील में कचरा न डालें, प्लास्टिक का उपयोग करने के बाद उसे निर्धारित स्थान पर ही डालें और नालियों को कूड़ेदान के रूप में इस्तेमाल न करें।
सफाई अभियान के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से नैनी झील को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से झील की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की।
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नैनीताल, उत्तराखंड
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