नैनीताल नन्दा सुनन्दा देवी महोत्सव 2026: 16 से 23 सितंबर तक होगा भव्य धार्मिक आयोजन


16 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाले नन्दा सुनन्दा देवी महोत्सव की तैयारियों के लिए 23 उपसमितियों का गठन किया गया।

नैनीताल। नैनीताल नन्दा सुनन्दा देवी महोत्सव 2026 आगामी 16 सितंबर से 23 सितंबर तक सरोवर नगरी नैनीताल में पारंपरिक श्रद्धा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गरिमा के साथ आयोजित किया जाएगा। महोत्सव की तैयारियों को लेकर श्री राम सेवक सभा के सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, धार्मिक कार्यक्रमों और विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

पंचांग और आचार्य की सलाह के अनुसार तय किया गया कार्यक्रम

बैठक में निर्णय लिया गया कि पंचांग तथा आचार्य की सलाह के आधार पर वर्ष 2026 में श्री नन्दा-सुनन्दा देवी महोत्सव का शुभारंभ 16 सितंबर (पंचमी) को कदली दल वृक्ष रवाना कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे महोत्सव के धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित तिथियों के अनुसार संपन्न होंगे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि 19 सितंबर को भाद्रपद अष्टमी के अवसर पर ब्रह्ममुहूर्त में मूर्ति स्थापना की जाएगी। वहीं 23 सितंबर को परंपरागत डोला नगर भ्रमण का आयोजन होगा। इसके अतिरिक्त महोत्सव के दौरान निर्धारित तिथियों पर कन्या पूजन, विश्व शांति हेतु हवन तथा महाभंडारा जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

23 उपसमितियों का किया गया गठन

इसी क्रम में डॉक्टर ललित तिवारी ने Aawaz Aapki News के जिला संवाददाता ललित जोशी से बातचीत में महोत्सव की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोजन के सफल संचालन और सभी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 23 उपसमितियों का गठन किया गया है।

उन्होंने कहा कि महोत्सव को सफल बनाने के लिए सरकार, शासन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगरपालिका तथा डीएसए का सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा शहर के भक्तजनों, गणमान्य नागरिकों और महिलाओं के सहयोग को सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।

शहरवासियों से सहयोग और सुझाव लेने का लिया गया निर्णय

डॉ. ललित तिवारी ने बताया कि इस वर्ष श्री राम सेवक सभा ने महोत्सव को अधिक सुव्यवस्थित और भव्य बनाने का निर्णय लिया है। इसी उद्देश्य से सभी शहरवासियों से सहयोग और सुझाव प्राप्त करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि आयोजन अधिक प्रभावी और सफल बनाया जा सके।

बैठक में यह भी कहा गया कि श्री नन्दा-सुनन्दा देवी महोत्सव उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का निर्वहन करने वाला प्रमुख लोकोत्सव है। यह केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि लोक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का भी महत्वपूर्ण पर्व है। इसलिए इसमें सभी लोगों की भागीदारी प्रार्थनीय है।

1903 से जुड़ा है महोत्सव का गौरवशाली इतिहास

बैठक के दौरान महोत्सव के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि नैनीताल श्री नन्दा देवी महोत्सव का प्रारंभ 1903 में स्वर्गीय श्री मोती राम साह द्वारा कराया गया था। इसके बाद 1926 से श्री राम सेवक सभा इस महोत्सव का निरंतर संचालन कर रही है तथा उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए ध्वजवाहक की भूमिका निभा रही है।

इन सदस्यों की रही उपस्थिति

बैठक की अध्यक्षता मनोज सह ने की, जबकि संचालन जगदीश बवाड़ी ने किया। बैठक में घनश्याम लाल साह, अशोक साह, राजेंद्र बिष्ट, विमल चौधरी, बिमल साह, राजेंद्र लाल साह, दीपक साह, गिरीश भट्ट, आनंद बिष्ट, राजेंद्र बजेठा, देवेंद्र लाल साह, भीम सिंह कार्की, कैलाश बोरा तथा भुवन बिष्ट सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *