भीलवाड़ा: धानमण्डी में 200 वर्षों पुरानी परंपरा के साथ मनाई गई नृसिंह जयंती, जीवंत पात्रों ने मोहा मन


भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के धानमण्डी क्षेत्र में आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ स्थित प्राचीन नृसिंह मंदिर में इस वर्ष भी लगभग 200 वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान नृसिंह जयंती का भव्य आयोजन किया गया। भक्ति और उल्लास से सराबोर इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

ऐतिहासिक विरासत और जीवंत मंचन: कार्यक्रम संयोजक मोनू तोषनीवाल ने बताया कि मंदिर को विशेष फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता भगवान नृसिंह का जीवंत अवतार था। नृसिंह के किरदार में नरेश पांडिया, भक्त प्रहलाद के रूप में अंश तोषनीवाल और हिरण्यकश्यप के रूप में लाला सोनी ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: दिलीप तोषनीवाल के अनुसार, यह परंपरा दो शताब्दियों से निरंतर चली आ रही है, जो शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। प्रातःकाल विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक के बाद शाम को महाआरती का आयोजन हुआ। पुजारी भूपेंद्र शर्मा के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में सत्यनारायण सुल्तानिया और गोवर्धन सुल्तानिया ने मंत्रोच्चार किए। अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया।


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