प्रदेश के बजट में शिक्षा क्षेत्र को नई सौगात, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की मजबूत पहल: अभाविप 


गंगापुर सिटी। पंकज शर्मा। एबीवीपी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज सैनी ने बताया कि राजसेज कॉलेजों में रिक्त पदों की पूर्ति, छात्रसंघ चुनावों की बहाली तथा निजी विश्वविद्यालयों पर निगरानी जैसे विषयों पर कदम उठाने की आवश्यकता: मनोज सैनी।

राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों एवं आमजन की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकासोन्मुख, जनहितकारी एवं भविष्यदर्शी प्रतीत होता है। शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु 500 करोड़ रुपये का प्रावधान, ‘इनोवेटिव स्कूल’ की स्थापना, प्रत्येक जिले में ‘स्कूल ऑन व्हील्स’, स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, 150 महाविद्यालयों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र, 1000 विद्यालयों में एआई लैब, व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार तथा टैबलेट, स्कूटी, साइकिल व यूनिफॉर्म हेतु डीबीटी वाउचर जैसी योजनाएँ विद्यार्थियों को आधुनिक, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

साथ ही स्किल सेंटर, विदेशी भाषा प्रशिक्षण, स्वरोजगार हेतु ब्याजमुक्त ऋण, रोजगार सृजन, महिला सुरक्षा, छात्रवृत्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों के लिए राहत प्रावधान सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को गति देंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जयपुर प्रांत इस छात्र-हितैषी बजट का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के समग्र विकास एवं युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला मानती है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा समय-समय पर राज्य सरकार से उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने हेतु राज्य स्तर पर सशक्त अकादमिक मॉनिटरिंग तंत्र तथा समयबद्ध एवं पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया की मांग की जाती रही है। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रिक्त शिक्षण व अशैक्षणिक पदों पर शीघ्र नियमित भर्ती सुनिश्चित करते हुए संस्थानों की आधारभूत संरचना के विकास के लिए दीर्घकालिक रोडमैप एवं विशेष शैक्षणिक पैकेज लागू किया जाए।

अस्थायी शिक्षकों के स्थान पर स्थायी नियुक्तियाँ की जाएँ तथा राज्य पात्रता परीक्षा (SET) का नियमित आयोजन किया जाए। साथ ही उच्च शिक्षा आयोग का पुनर्गठन कर निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता एवं शुल्क नियंत्रण हेतु स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाए तथा पिछले तीन सत्रों से स्थगित छात्रसंघ चुनावों को आगामी सत्र से पारदर्शी एवं संविधानसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत पुनः प्रारंभ किया जाए। इन सभी विषयों पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, जिनके संबंध में परिषद सदैव युवा वर्ग की आवाज बनकर सकारात्मक एवं रचनात्मक पहल करती रही है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज सैनी ने कहा कि बजट विद्यार्थियों व युवाओं के हित में सकारात्मक पहल है, लेकिन इसकी सफलता केवल घोषणाओं पर नहीं, बल्कि समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। परिषद ने शिक्षकों की भर्ती, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, छात्रावासों की वृद्धि, शुल्क राहत, ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना, रिक्त पदों पर नियुक्ति, निजी विश्वविद्यालयों पर निगरानी तथा छात्रसंघ चुनावों की बहाली जैसे विषयों पर विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


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