बारा-शंकरगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने रात में फ्लाई ऐश डंपिंग, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
प्रयागराज। ओवरलोड डंपरों से फ्लाई ऐश डंपिंग को लेकर जनपद के यमुनानगर बारा और शंकरगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम ढलने के बाद ओवरलोड डंपर बस्तियों, खेतों और कच्चे रास्तों के किनारे फ्लाई ऐश (राख) गिराकर चले जाते हैं, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
रात में बस्तियों के पास फ्लाई ऐश डंप करने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि शाम करीब 7 बजे के बाद कई ओवरलोड डंपर बस्ती के आसपास और खेतों के किनारे फ्लाई ऐश गिराते हैं। उनका आरोप है कि पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा और बिना आवश्यक सुरक्षा उपायों के राख खुले में छोड़ दी जाती है। इसके चलते सुबह गांव में धूल और राख फैली रहती है।
स्वास्थ्य और खेती पर असर की जताई चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि उड़ती राख से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सांस लेने में परेशानी, खांसी और एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खबर के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लाई ऐश में सिलिका और भारी धातुएं (Heavy Metals) हो सकती हैं, जिनके लंबे समय तक संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खेतों में राख गिरने से कृषि भूमि प्रभावित हो रही है तथा तालाब और कुओं के पानी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि मवेशियों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में एसडीएम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय थाने में कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि न तो किसी डंपर को जब्त किया गया और न ही संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया।
पर्यावरणीय नियमों के पालन की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के नियमों के अनुसार फ्लाई ऐश का निस्तारण निर्धारित स्थानों पर किया जाना चाहिए तथा परिवहन के दौरान ट्रकों को तिरपाल से ढकना आवश्यक है। उनका आरोप है कि इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।
ग्रामीणों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- रात में फ्लाई ऐश गिराने वाले डंपरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
- गांव में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराई जाए।
- रात के समय सीसीटीवी निगरानी और पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
- ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई कर नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। अब क्षेत्र के लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
यह भी पढ़ें:

Prayagraj, Ouuta Pradesh
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।