रक्षाबंधन पर नकली खोया-मावे का खतरा, प्रयागराज में मिठाई दुकानों की जांच की मांग


त्योहार से पहले मिलावट की आशंका को लेकर ग्रामीणों में चिंता, खाद्य सुरक्षा विभाग से मिठाइयों के सैंपल लेकर कार्रवाई की मांग।

प्रयागराज। रक्षाबंधन पर्व नजदीक आते ही मिठाई की दुकानों पर खरीदारी बढ़ गई है, लेकिन इसी बीच नकली खोया, सिंथेटिक मावा और मिलावटी मिठाइयों को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि त्योहार की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मिलावटी सामग्री से तैयार मिठाइयां बेच रहे हैं। लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सघन जांच अभियान चलाने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि घूरपुर, जसरा, बारा, लालापुर, लोहगरा, शिवराजपुर, शंकरगढ़, नारीबारी और जारी सहित कई क्षेत्रों में रक्षाबंधन को लेकर मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को मिठाइयों की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल होने वाले खोया-मावे की जांच को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

नकली मावे से बनी मिठाइयों को लेकर चिंता

स्थानीय लोगों के अनुसार त्योहार के दौरान मांग बढ़ने पर बाहर से आने वाले खोया और मावे की गुणवत्ता की जांच आवश्यक है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर सिंथेटिक मावे और अन्य घटिया सामग्री का इस्तेमाल मिठाइयां तैयार करने में किया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार दूषित अथवा मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी-दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए त्योहार के दौरान मिठाई खरीदते समय उपभोक्ताओं को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि त्योहारों के दौरान मिलावट की आशंका के बावजूद बाजारों में पर्याप्त जांच अभियान दिखाई नहीं दे रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की मिठाई दुकानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आवश्यक जानकारी की जांच किए जाने की मांग उठ रही है।

लोगों का कहना है कि मिठाई दुकानों पर निर्माण तिथि, उपयोग की अवधि और खाद्य सामग्री से जुड़ी आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। उनका आरोप है कि कई दुकानों पर इस संबंध में पर्याप्त जानकारी प्रदर्शित नहीं की जाती।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी जांच की मांग

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग को केवल शहर तक सीमित न रहकर घूरपुर से लेकर शंकरगढ़ और नारीबारी-जारी क्षेत्र तक मिठाई की दुकानों का निरीक्षण करना चाहिए। लोगों ने खोया, मावा और तैयार मिठाइयों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला में जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी दुकान पर मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

जिलाधिकारी से सघन जांच अभियान की मांग

स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी प्रयागराज से रक्षाबंधन से पहले मिठाई की दुकानों पर विशेष जांच अभियान चलाने, संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। ऐसे में त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन और खाद्य कारोबारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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