ओवररेटिंग, कालाबाजारी और टैगिंग पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 26 उर्वरक नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
प्रयागराज। किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से प्रयागराज जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिलेभर में निजी एवं सहकारी उर्वरक बिक्री प्रतिष्ठानों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी तहसीलों में गठित संयुक्त जांच दलों ने 53 उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर एक उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित, दो विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 26 उर्वरक नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने सदर, फूलपुर, सोरांव, हंडिया, बारा, कोरांव, करछना एवं मेजा तहसीलों में अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान उर्वरक बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक, भौतिक स्टॉक तथा अभिलेखों का मिलान किया गया। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक न बेचे जाएं और किसी भी प्रकार की अनिवार्य टैगिंग न की जाए।
संयुक्त टीमों ने की सघन जांच
सदर एवं फूलपुर तहसीलों में उप कृषि निदेशक तथा सहायक अभियंता (लघु सिंचाई) ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। वहीं सोरांव एवं हंडिया में जिला कृषि अधिकारी के.के. सिंह और सहायक निबंधक, सहकारिता ने जांच अभियान का नेतृत्व किया। बारा एवं कोरांव में जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार तथा जिला उद्यान अधिकारी ने निरीक्षण किया, जबकि करछना एवं मेजा क्षेत्रों में अपर जिला कृषि अधिकारी विकास मिश्र और सहायक निबंधक, सहकारिता ने कार्रवाई की।
साधन सहकारी समिति में मिली अनियमितता
किसानों की शिकायत पर जिला कृषि अधिकारी के.के. सिंह ने साधन सहकारी समिति हसनपुर, विकासखंड सैदाबाद (सहसो) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक वितरित कराया गया। वहीं समिति के सचिव द्वारा आवश्यक अभिलेख मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
26 नमूने जांच के लिए भेजे गए
जिला कृषि अधिकारी के.के. सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 53 उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच में अनियमितता पाए जाने पर एक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया तथा दो विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा संदिग्ध स्टॉक से 26 उर्वरक नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट में नमूने अमानक पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ओवररेटिंग और कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री, अन्य उत्पादों की टैगिंग तथा अभिलेखों में अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी ओवररेटिंग, टैगिंग या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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