शासनादेशों के प्रभावी अनुपालन की मांग को लेकर सांसद प्रवीण पटेल ने मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल को समय देने का अनुरोध किया।
प्रयागराज। समायोजित शिक्षकों के शासनादेश लागू नहीं होने को लेकर प्रदेशभर में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा 28 जून 2024 एवं 30 जुलाई 2025 को समायोजित शिक्षकों के हित में जारी किए गए महत्वपूर्ण शासनादेशों का कई जनपदों में अब तक प्रभावी अनुपालन नहीं होने से शिक्षक वर्ग आक्रोशित है। इस मुद्दे को लेकर संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश ने शासन स्तर पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
शासनादेश लागू नहीं होने से बढ़ीं शिक्षकों की परेशानियां
संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि शासनादेश जारी होने के बावजूद कई जिलों में समायोजित शिक्षकों को प्रशासनिक एवं व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शासनादेशों का सही तरीके से पालन नहीं होगा तो सरकार की मंशा भी पूरी नहीं हो पाएगी और शिक्षकों को लगातार समस्याओं से जूझना पड़ेगा।
सांसद प्रवीण पटेल ने मुख्यमंत्री से मांगा समय
संघ के प्रांतीय मीडिया प्रभारी कमलाकर सिंह ने बताया कि संगठन के अनुरोध पर फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर 4 से 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को लगभग 5 मिनट का समय देने का अनुरोध किया है। प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शासनादेशों के प्रभावी क्रियान्वयन और समायोजित शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर चर्चा करना चाहता है।
संवेदनशील हस्तक्षेप से समाधान की जताई उम्मीद
संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष संतोष पांडेय ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के संवेदनशील हस्तक्षेप से प्रदेश के समायोजित शिक्षकों को न्याय मिलेगा और उनकी समस्याओं का उचित समाधान निकल सकेगा। वहीं प्रांतीय उपमहामंत्री कमलेश यादव ने सरकार से मांग की कि दोनों शासनादेशों का तत्काल प्रभाव से सभी जिलों में समान रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
इस अवसर पर सर्वेश सिंह, बैजनाथ सोनी, चंद्र मोहन राव, शिवाकांत, कौशलेश सिंह, प्रदीप पाल, दीपक सोनी एवं आशीष जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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