दिल्ली के संसद मार्च के समर्थन के साथ जिले को संभाग बनाने, कृषि विश्वविद्यालय, रोजगार, शिक्षा सुधार और भ्रष्टाचार सहित कई मुद्दों पर होगा प्रदर्शन।
सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 20 जुलाई को जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित संसद मार्च के समर्थन के साथ-साथ जिले से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर किया जाएगा। मोर्चा ने बताया कि कार्यक्रम सोमवार, 20 जुलाई 2026 को प्रातः 11:00 बजे जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित होगा।
मोर्चा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे संवैधानिक आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले लगभग 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक एवं अन्य आंदोलनकारियों को कथित रूप से जबरन अस्पताल ले जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार के विपरीत है। मोर्चा ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर प्रहार बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बताया कि धरने के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों के साथ-साथ सवाई माधोपुर जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा सुधार, पेपर लीक पर रोक, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और बढ़ती बेरोजगारी जैसे विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
इसके अलावा जिले में कथित रूप से गैर-रूपांतरणीय भूमि पर अवैध प्लॉटिंग एवं भू-व्यापार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। मोर्चा ने कुंडेरा थाना हेमराज मीणा प्रकरण में निर्दोष लोगों पर कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की है।
600 पेड़ों की कटाई, विकास कार्यों और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी उठेंगे
मोर्चा ने कहा कि बजरिया एवं शहर क्षेत्र में लगभग 600 पेड़ों की कथित अवैध कटाई की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही विकास कार्यों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, सरकारी कार्यालयों में समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने तथा कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग भी धरने के माध्यम से उठाई जाएगी।
संभाग, कृषि विश्वविद्यालय और विशेष पैकेज की मांग
धरना-प्रदर्शन में सवाई माधोपुर को संभाग घोषित करने, जिले में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना कर बड़े स्तर पर रोजगार सृजन करने तथा जिले को पिछड़ा जिला घोषित कर विशेष विकास पैकेज उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी जाएगी।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से जिले के विकास, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को नई दिशा मिलेगी।
शांतिपूर्ण आंदोलन में सहभागिता की अपील
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सरकार और प्रशासन के समक्ष जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखना है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने जिले के विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं, सामाजिक एवं जनसंगठनों, किसान संगठनों, कर्मचारी संगठनों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, प्रबुद्ध नागरिकों तथा आमजन से अधिक से अधिक संख्या में धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर संसद मार्च के समर्थन एवं स्थानीय जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने की अपील की है।
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